नीतीश की पार्टी का मेगा मिशन सफल, जदयू हुई सबसे बड़ी पार्टी, सदस्यों ने बनाया नया रिकॉर्ड
संजय झा ने लिखा कि 6 दिसंबर 2025 को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘जदयू सदस्यता अभियान 2025-28’ को कार्यकर्ताओं और आम लोगों का व्यापक समर्थन मिला।
JDU : बिहार की राजनीति में जदयू ने खुद को एक बार फिर सबसे प्रभावशाली दलों में शामिल कर लिया है। संगठन विस्तार और बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति के बीच जेडीयू ने दावा किया है कि पार्टी के प्राथमिक सदस्यों की संख्या अब 1 करोड़ के पार पहुंच गई है। इसे बिहार की सियासत और जदयू को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की पार्टी की रणनीति में एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी ने छह महीने से भी कम समय में सदस्यता अभियान का पहला बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि 2 जून 2026 तक जेडीयू के प्राथमिक सदस्यों की संख्या 1 करोड़ 1 हजार 925 हो चुकी है। दरअसल, जहां जदयू के सदस्यों की संख्या 1 करोड़ के पार हो चुकी है तो दूसरी ओर भाजपा का दावा है कि उनके सदस्यों की संख्या करीब 3 करोड़ से ज्यादा है।
संजय झा ने लिखा कि 6 दिसंबर 2025 को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘जदयू सदस्यता अभियान 2025-28’ को कार्यकर्ताओं और आम लोगों का व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने अभियान को सफल बनाने वाले कार्यकर्ताओं और नए सदस्यों का आभार भी जताया।
बिहार में लंबे समय से सामाजिक समीकरण और विकास की राजनीति के सहारे अपनी मजबूत पहचान बनाने वाली जेडीयू ने हाल के वर्षों में संगठन को गांव और बूथ स्तर तक विस्तार देने पर विशेष जोर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सदस्य संख्या में यह बढ़ोतरी पार्टी की जमीनी सक्रियता और ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ को दर्शाती है। हालांकि भाजपा पहले ही अपने 3 करोड़ से अधिक सदस्य होने का दावा कर चुकी है, लेकिन बिहार के संदर्भ में जेडीयू का यह आंकड़ा काफी अहम माना जा रहा है।
वर्तमान में जेडीयू के पास लोकसभा में 12 सांसद, राज्यसभा में 4 सदस्य, बिहार विधानसभा में 85 विधायक और विधान परिषद में 19 सदस्य हैं। पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है और केंद्र सरकार में जेडीयू कोटे से Rajiv Ranjan Singh और Ramnath Thakur मंत्री हैं।
बिहार सरकार में भी जेडीयू की मजबूत भागीदारी बनी हुई है। पार्टी की ओर से Vijay Kumar Chaudhary और Bijendra Prasad Yadav उपमुख्यमंत्री पद संभाल रहे हैं, जबकि सरकार में जेडीयू के कुल 15 मंत्री शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सदस्यता अभियान की सफलता के जरिए जेडीयू आगामी चुनावों से पहले अपनी संगठनात्मक ताकत का बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रही है।