Bihar Politics : गांजा नहीं...इस नशे के शौक़ीन हैं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, के.सी. त्यागी ने कैमरे के सामने खोले राज

Bihar Politics : गांजा नहीं...इस नशे के शौक़ीन हैं पूर्व मुख्

PATNA : बिहार की राजनीति में अपनी सादगी और कड़क अनुशासन के लिए मशहूर बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार को लेकर एक चौंकाने वाला और दिलचस्प खुलासा हुआ है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान, उनके एक करीबी परिचित और वरिष्ठ नेता के सी त्यागी ने उन पर लगने वाले पुराने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उनकी एक ऐसी आदत के बारे में बताया, जिससे आम जनता अब तक अनजान थी। 

वीडियो में बातचीत के दौरान एंकर ने विपक्षी दलों द्वारा नीतीश कुमार पर लगाए गए 'गांजा' पीने के आरोपों का ज़िक्र किया। इस पर केसी त्यागी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि नीतीश कुमार पर इससे ज़्यादा "घटिया" आरोप कोई और नहीं हो सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री की मानसिक दृढ़ता और उनके अनुशासित व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करते हैं और ऐसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

हालांकि, पॉडकास्ट में एक हल्का-फुल्का मोड़ तब आया जब के सी त्यागी ने मुस्कुराते हुए नीतीश कुमार की एक 'गुप्त' आदत का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार को "खैनी" (तंबाकू) खाने का शौक है, लेकिन वे इसे बेहद शालीनता और गोपनीयता के साथ खाते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से कभी खैनी नहीं खाते, बल्कि एकांत में या अपनों के बीच ही इसका सेवन करते हैं।

इस आदत की बारीकियों पर चर्चा करते हुए के सी त्यागी ने बताया कि नीतीश कुमार अपनी जेब से धीरे से खैनी की डिबिया निकालते हैं और बड़े ही सलीके से उसे तैयार करते हैं। उन्होंने मज़ाक में यह भी जोड़ा कि वे इसे इतनी "चोरी-छिपे" खाते हैं कि आज तक किसी भी कैमरे की नज़र उन पर नहीं पड़ी। उनके अनुसार, यह नीतीश कुमार के संकोची और मर्यादित स्वभाव का ही परिणाम है कि उनकी इस छोटी सी व्यक्तिगत आदत को भी उन्होंने कभी सार्वजनिक नहीं होने दिया।

के सी त्यागी ने यह भी साझा किया कि केवल नीतीश कुमार ही नहीं, बल्कि देश के एक और बड़े दिग्गज नेता, जो वर्तमान में भाजपा में हैं, वे भी इसी तरह खैनी के शौकीन हैं। यह वीडियो न केवल नीतीश कुमार के एक मानवीय और निजी पक्ष को सामने लाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सार्वजनिक जीवन में रहने के बावजूद वे अपनी गरिमा और संकोच को किस प्रकार बनाए रखते हैं।