राज्यसभा चुनाव: तेजस्वी यादव को समर्थन नहीं करेगी ओवैसी की पार्टी! AIMIM ने बनाया यह प्लान, NDA की भी बढ़ी मुश्किल

राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। राजद के पास 25 विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के 6, वाम दलों के 3 और आईपीपी के 1 विधायक को जोड़ने पर यह संख्या 35 होती है

Rajya Sabha elections
Rajya Sabha elections- फोटो : news4nation

Rajya Sabha elections:  राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की सियासत में सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच AIMIM ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि उसने महागठबंधन को समर्थन देने को लेकर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल इमान ने सोमवार को कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत जारी है और फिलहाल कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है।  अख्तरुल इमान ने बताया कि उन्होंने तेजस्वी यादव से साफ शब्दों में कहा है कि AIMIM चाहती है कि उसका एक प्रतिनिधि राज्यसभा पहुंचे। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी का अभी राज्यसभा में कोई सदस्य नहीं है, इसलिए हमने तेजस्वी यादव से कहा है कि आप हमारा समर्थन कीजिए और हमारा उम्मीदवार होगा। इस पर फैसला तेजस्वी यादव को लेना है।”


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महागठबंधन को समर्थन देने या न देने पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। “बातचीत चल रही है। बातचीत के बाद ही कहा जा सकेगा कि अंतिम फैसला क्या होगा,” अख्तरुल इमान ने कहा। हालांकि उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि तेजस्वी यादव से इस मसले पर चर्चा हो चुकी है।


NDA को समर्थन से साफ इनकार

एनडीए को समर्थन देने के सवाल पर अख्तरुल इमान ने दो टूक कहा कि AIMIM किसी भी सूरत में NDA को समर्थन नहीं दे सकती। उन्होंने दावा किया कि एनडीए के भीतर खुद ही घमासान मचा हुआ है और उपेंद्र कुशवाहा की सीट भी फंसी हुई है। उन्होंने कहा कि “5 तारीख तक ही साफ हो पाएगा कि उम्मीदवार कौन होगा और AIMIM आगे क्या रुख अपनाएगी।”


तेजस्वी यादव के राज्यसभा जाने की अटकलें

दरअसल, RJD के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राज्यसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं, हालांकि तेजस्वी ने अभी तक इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है। रविवार को उन्होंने अपने विधायक दल की बैठक भी बुलाई थी।


राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। राजद के पास फिलहाल 25 विधायक हैं। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के 6, वाम दलों के 3 और आईपीपी के 1 विधायक को जोड़ने पर यह संख्या 35 तक पहुंचती है। ऐसे में बहुमत के लिए AIMIM के 5 और बसपा के 1 विधायक का समर्थन निर्णायक हो सकता है। हालांकि, ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अभी तक अपना पत्ता नहीं खोला है, जिससे राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सस्पेंस बना हुआ है।

अभिजीत की रिपोर्ट