Bihar panchayat election 2026: इस तारीख को जारी होगा निर्वाचन क्षेत्र का प्रारुप, डुगडुगी बजाकर दी जाएगी नए क्षेत्रों की जानकारी
Bihar panchayat election 2026 - राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार पंचायत चुनाव 2026 के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। नगर निकायों के विस्तार के बाद नए सिरे से होगा क्षेत्रों का निर्धारण। 25 मई को प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन।
patna - : बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम कचहरी चुनाव 2026 को लेकर बिगुल फुक दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारियों में तेजी लाते हुए सभी जिलाधिकारियों (DM) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार चुनाव में सबसे बड़ा बदलाव नगर निकायों के विस्तार के कारण क्षेत्रों के पुनर्गठन को लेकर होगा। आयोग ने निर्देश दिया है कि नए क्षेत्रों के निर्धारण की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाने के लिए हाट-बाजारों में 'डुगडुगी' (ढोल-नगाड़ा) बजाकर मुनादी कराई जाएगी।
27 अप्रैल को जारी होगा प्रारूप, 25 मई को अंतिम प्रकाशन
आयोग के निर्देशानुसार, वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 'प्रपत्र-1' का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसका प्रारंभिक प्रकाशन 27 अप्रैल को किया जाएगा। इसके बाद 27 अप्रैल से 11 मई तक आम जनता अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेगी। सभी आपत्तियों के निष्पादन के बाद 25 मई को प्रपत्र-1 का अंतिम प्रकाशन होगा और 29 मई को इसे जिला गजट में प्रकाशित कर दिया जाएगा।
नगर निकायों में शामिल ग्रामीण इलाकों का बदलेगा भूगोल
पिछले कुछ वर्षों में बिहार में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों को काटकर नगर निकायों का विस्तार किया गया है। ऐसे में 2016 के पिछले चुनाव की तुलना में इस बार वार्डों और पंचायतों की संरचना में व्यापक बदलाव दिखेगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो ग्रामीण इलाके अब नगर निकाय का हिस्सा बन चुके हैं, उनकी जनसंख्या और वार्ड का विवरण अलग से दर्शाया जाएगा ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति न बने।
डिजिटल माध्यम से होगा पूरा काम, वेबसाइट पर दिखेंगे आंकड़े
पंचायत चुनाव 2026 की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आयोग इस बार डिजिटल तकनीक का सहारा ले रहा है। सभी निर्वाचन क्षेत्रों के आंकड़े और प्रपत्र-1 की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। प्रपत्र-1 में जिला परिषद सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंच—इन सभी छह पदों की जनसंख्या और क्षेत्रवार जानकारी उपलब्ध रहेगी।
आपत्तियों के लिए अधिकारी तैनात, 13 अप्रैल से प्रशिक्षण
चुनाव आयोग ने आपत्तियों की जांच और उनके निपटारे के लिए जिम्मेदारी तय कर दी है। पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), जिला परिषद स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) आपत्तियों की जांच करेंगे, जबकि अपील के मामलों पर अंतिम निर्णय जिला पदाधिकारी (DM) लेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए 13 से 17 अप्रैल के बीच अधिकारियों को विभिन्न प्रमंडलों में विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक निर्देश
आयोग ने केवल सरकारी दफ्तरों में नोटिस चस्पा करने तक सीमित न रहकर, अखबारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया है। स्थानीय हाट-बाजारों में मुनादी कराने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांव का अंतिम व्यक्ति भी अपने चुनावी क्षेत्र में हुए बदलावों से अवगत हो सके।