Bihar News : पंचायत सचिवों का बड़ा फैसला, योजनाओं का अभिकर्ता बनने से किया साफ इंकार, 'पंचायत निर्माण कार्य मैनुअल' लागू करने की उठाई मांग

Bihar News : पंचायतों सचिवों ने सरकारी योजनाओं का अभिकर्ता बनने से साफ इंकार कर दिया है. बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ संघर्ष समिति ने आपात बैठक कर यह मांग उठाई है......पढ़िए आगे

Bihar News : पंचायत सचिवों का बड़ा फैसला, योजनाओं का अभिकर्त
अभिकर्ता बनने से इंकार - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण आपात बैठक रविवार को पटना के सिन्हा लाइब्रेरी रोड स्थित अदिति कमिटी हॉल में आयोजित की गई। संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिहार के विभिन्न जिलों से आए जिलाध्यक्षों और संघ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए पंचायत सचिवों ने विकास योजनाओं का अभिकर्ता (एजेंट) बनने से साफ तौर पर इंकार कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में ग्रामीण विकास कार्यों पर बड़ा असर पड़ सकता है। 

संघ के राज्याध्यक्ष बिरेन्द्र कुमार और महामंत्री राकेश रंजन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत सचिवों को योजनाओं के अभिकर्ता के दायित्व से मुक्त करने की मांग नई नहीं है। यह लड़ाई पिछले तीन दशकों से पंचायती राज विभाग और बिहार सरकार के समक्ष लगातार उठाई जा रही है। संघ के नेताओं ने स्पष्ट किया कि पंचायत सचिवों को जबरन अभिकर्ता बनाए रखने से वित्तीय और प्रशासनिक जटिलताओं के साथ-साथ अनियमितताओं की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसलिए वे अब इस भूमिका में कार्य करने के बिल्कुल पक्ष में नहीं हैं ।  बैठक में मुख्य रूप से 'पंचायत निर्माण कार्य मैनुअल' को सूबे की सभी पंचायतों में अविलंब लागू करने की मांग दोहराई गई। 

प्रतिनिधियों ने याद दिलाया कि इस मैनुअल को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में 19 जुलाई 2024 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में एजेंडा क्रमांक-12 के तहत बकायदा स्वीकृति दी गई थी। इसके बावजूद, लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया है, जिससे विभाग की उदासीनता साफ झलकती है। संघ ने आरोप लगाया कि पंचायती राज विभाग द्वारा इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है । मैनुअल लागू न होने के कारण न केवल पंचायतों के प्रशासनिक और विकासात्मक क्रियाकलापों पर बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी रोजमर्रा के कामों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ।

संघ ने सरकार से मांग की है कि वित्तीय गड़बड़ियों को रोकने के लिए पंचायत सचिवों को इस जिम्मेदारी से तत्काल मुक्त किया जाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपनी आवाज बुलंद करने वालों में दिलीप कुमार, बीरबल कुमार, बिजेन्द्र कुमार, संजय कुमार, विकास कुमार, विकास सिंह, राहुल सिंह, इन्द्रदेव यादव, सुचित कुमार और सतीश कुमार समेत कई जिलों के पदाधिकारी शामिल रहे। सभी नेताओं ने संघ के इस कड़े फैसले के समर्थन में अपनी एकजुटता प्रकट की। अंत में, बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पंचायत निर्माण कार्य मैनुअल को शीघ्र लागू कर विकास कार्यों का रास्ता साफ नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।