'तो भाजपा नेता की काट लेनी चाहिए जुबान', बिहार महिलाओं को खरीदने वाले पर खूब बरसे पप्पू यादव

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार की महिलाओं का अपमान बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा समाज को बांटने वाली है और ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

Pappu Yadav
Pappu Yadav- फोटो : news4nation

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार की एक महिला मंत्री के पति द्वारा बिहार से 20–25 हजार रुपये में बेटियां खरीदे जाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे बिहार की महिलाओं का अपमान बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा समाज को बांटने वाली है और ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की जुबान काट लेना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि “बाबा और नेता” की राजनीति एक जैसी हो गई है और दोनों ही जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह बिहार के नाम पर राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।


बीसीसीआई के निर्णय पर सवाल

बांग्लादेश से जुड़े मुद्दे पर बीसीसीआई द्वारा अभिनेता शाहरुख खान से कथित तौर पर बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल टीम से हटाने की बात कहे जाने पर भी पप्पू यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्या बीसीसीआई के पास ऐसा करने का कोई संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर बांग्लादेश को लेकर इतनी सख्ती है तो फिर भारत से जुड़े कारोबारी हितों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी उसी तरह का रुख अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान से तनाव के बावजूद भारत ने क्रिकेट खेला है और जब स्वार्थ होता है तो नियम बदल जाते हैं।


तेजस्वी का किया बचाव

तेजस्वी यादव के ‘लापता’ पोस्टर जारी किए जाने को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा कि किसी नेता की निजी जिंदगी पर इस तरह सवाल उठाना गलत है। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी निजी जिंदगी जीने का अधिकार है और भाजपा का काम लोगों की निजी जिंदगी में झांकना बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास खुद कई ऐसे लोग हैं जिनका विवादों से पुराना नाता रहा है।


भ्रष्टाचार से जुड़े नेता भाजपा में

उन्होंने यह भी कहा कि अगर भ्रष्टाचार की बात की जाए तो भाजपा को पहले अपने नेताओं और सरकारों के कामकाज पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने अजित पवार के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें बीएमसी को ‘लूट का अड्डा’ बताया गया था, और कहा कि इस पर भी भाजपा को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


मौजूदा राजनीति नफरत पर आधारित

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मौजूदा राजनीति नफरत पर आधारित हो गई है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीबों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर कर गरीबों को परेशान किया जा रहा है।