पारस हेल्थ पटना का ऐतिहासिक शतक: 100 सफल किडनी ट्रांसप्लांट पूरे करने वाला बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल बना
Patna : बिहार की राजधानी पटना स्थित पारस हेल्थ (Paras Health) ने चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। अस्पताल ने सफ़लतापूर्वक 100 किडनी ट्रांसप्लांट (प्रत्यारोपण) का आंकड़ा पार कर लिया है। इस कीर्तिमान को स्थापित करने के साथ ही पारस हेल्थ पूरे बिहार का ऐसा पहला कॉर्पोरेट अस्पताल बन गया है, जिसने किडनी प्रत्यारोपण के क्षेत्र में इस बेहद महत्वपूर्ण और बड़े मुकाम को हासिल किया है। 5 जून 2026 को पटना में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने इस गौरवशाली सफर की आधिकारिक घोषणा की।
अनुभवी डॉक्टरों और अत्याधुनिक तकनीक से मिली अभूतपूर्व सफलता
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पारस हेल्थ के निदेशक एवं नेफ्रोसाइंसेज विभागाध्यक्ष डॉ. शशि कुमार ने कहा कि 100 सफल किडनी ट्रांसप्लांट का सफर अस्पताल के लिए केवल एक संख्या नहीं, बल्कि गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हर ट्रांसप्लांट एक मरीज को नया जीवन देने की एक अनूठी कहानी है। यह ऐतिहासिक सफलता अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों, विशेष रूप से प्रशिक्षित ट्रांसप्लांट टीम, विश्वस्तरीय अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक और मरीजों के अटूट भरोसे की बदौलत ही संभव हो सकी है। अस्पताल में किडनी फेल्योर, नियमित डायलिसिस और किडनी प्रत्यारोपण से पीड़ित मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र और अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं दी जा रही हैं।
ताज सिटी सेंटर पटना में जुटेगा डॉक्टरों और डोनर परिवारों का महाकुंभ
इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में पारस हेल्थ द्वारा आगामी 6 जून को पटना के प्रतिष्ठित 'ताज सिटी सेंटर' (Taj City Centre Patna) में एक भव्य और विशेष समारोह का आयोजन किया जा रहा है। पारस हेल्थ, पटना के जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि यह 100 सफल ट्रांसप्लांट सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों और खुशियों का जीवंत प्रतीक है। इस विशेष समारोह में नया जीवन प्राप्त कर चुके कई मरीज, अंगदान करने वाले डोनर परिवार, देश-विदेश के जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञ, प्रबुद्ध चिकित्सक और बिहार सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं व स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है, जो इस पल के गवाह बनेंगे।
मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम वर्क और उत्कृष्ट सफलता दर ने बनाई अलग पहचान
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पारस हेल्थ का किडनी ट्रांसप्लांट कार्यक्रम अपनी लगातार बेहतर सफलता दर और उत्कृष्ट मरीज परिणामों (पेशेंट आउटकम) के कारण पूरे पूर्वी भारत में अपनी अलग और विश्वसनीय पहचान बना चुका है। इस बड़ी सफलता को हासिल करने में नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, क्रिटिकल केयर, एनेस्थीसिया और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन टीम की आपसी तालमेल और महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. जमशेद अनवर, यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व चौधरी, डॉ. विकास कुमार, ब्लड बैंक के डॉ. शांतनु, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. विनिता सिन्हा तथा एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. श्री नारायण भी मुख्य रूप से मौजूद रहे और अपनी टीम के अनुभवों को साझा किया।
वर्ष 2013 से बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बना हुआ है पारस हेल्थ
उल्लेखनीय है कि पारस हेल्थ, पटना ने वर्ष 2013 में बिहार की धरती पर अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की थी। यह बिहार का पहला ऐसा कॉर्पोरेट अस्पताल है, जिसके पास कैंसर के उन्नत उपचार के लिए लाइसेंस प्राप्त विशेष केंद्र मौजूद है। वर्तमान में 400 से अधिक बेड की विशाल क्षमता वाले इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 80 अत्याधुनिक आईसीयू बेड, कैंसर इलाज के लिए आधुनिक लिनक (LINAC) मशीनें और पेट-सीटी (PET-CT) जैसी अत्यंत उन्नत जांच सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पारस अस्पताल ने राज्य के मरीजों के पलायन को रोककर चिकित्सा जगत में कई नए और अनुकरणीय मानक स्थापित किए हैं।