हीट वेव को लेकर पटना जिला प्रशासन सतर्क, डीएम ने सिविल सर्जन को दिए यह निर्देश

Bihar News : पटना में प्रचंड गर्मी और हीट वेव को देखते हुए जिला प्रशासन सजग हो गया है। जिलाधिकारी ने हिट वेव से लोगोंं को बचने की सलाह दिया है। वहीं उन्होने सिविल सर्जन को कई निर्देश दिए है...

हीट वेव को लेकर पटना जिला प्रशासन सतर्क, डीएम ने सिविल सर्जन

Patna : पूरा बिहार इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। खासकर राजधानी पटना में प्रचंड गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। पटना में पिछले तीन-चार दिनों से पारा 40 के पार है। इधर प्रचंड गर्मी और हीट वेव को देखते हुए पटना जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। आज गुरुवार को पटना जिलाधिकारी, डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा हीट वेव एक्शन प्लान के तहत गरम हवाओं/लू के दौरान लोगों के स्वास्थ्य (विशेष तौर पर बच्चों, गर्भवती व धात्री माताओं) की सुरक्षा हेतु की जाने वाली कार्रवाईयों से संबंधित निर्देश पूर्व में निर्गत किया गया है। उन्होंने इसके क्रियान्वयन के लिए 15 विभागों को सजग एवं सक्रिय रहने को कहा है। 

इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाले कारवाईयों के संबंध में सिविल सर्जन को भी पहले ही निर्देश दिया गया है। ज़िलाधिकारी ने कहा कि गर्मी के मौसम में वातावरण में सामान्य नमी की कमी के फलस्वरूप मौसम शुष्क रहने के कारण गरम हवाओं/लू चलने की पूरी संभावना रहती है। ऐसे में बच्चे, गर्भवती व धात्री माताएँ, वृद्धजन तथा पूर्व से गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग जोखिम में पड़ सकते है। ज़िलाधिकारी ने कहा कि इन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

गरम हवाओं/लू लगने के सामान्य लक्षण

गरम हवाओं/लू लगने के सामान्य लक्षण के रूप में अधिक पसीना आना, तेज गति से सांस का चलना, मांसपेशियों में दर्द, मितली/उल्टी या दस्त या दोनों का होना पाया जाता है, अत्यधिक प्यास लगने लगती है, तेज बुखार आ सकता है या कभी-कभी मूर्छा भी आ सकती है। इसके लिए पूर्व तैयारी, लोगों में जागरूकता एवं बचाव के उपायों को जानकर ही जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है। ज़िलाधिकारी ने कहा कि इस हेतु निम्नांकित तीन स्तरों पर आवश्यक कार्रवाई की गयी है।

1. प्रशासनिक स्तर पर

2. चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल/जिला अस्पताल स्तर  पर तथा

3. समुदाय स्तर पर

सिविल सर्जन को निर्देश

ज़िलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि गरम हवाओं/लू लगने के लक्षण, उसके कुप्रभाव एवं प्राथमिक उपचार के संदर्भ में सभी स्वास्थ्य कर्मियों का संवेदीकरण किया जाए एवं यह भी बताया जाए कि किन लक्षणों के होने पर प्रभावित को तत्काल विशेष चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होगी, जिससे बिना देर किए प्रभावित को गहन विशेष चिकित्सा के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या अन्य स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया जा सके।

सभी सरकारी अस्पतालों/स्वास्थ्य केन्द्रों/चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में लू/गरम हवाओं से प्रभावित व्यक्तियों/मरीजों को जो उपचार के लिए आते हैं (पूरे लू चलने की समय सीमा के अंदर) उनका आंकड़े अलग से एकत्रित कराया जाना सुनिश्चित करेंगे। 

सभी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों/जिला अस्पताल/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों /सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों/अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों/अनुमंडलीय अस्पतालों में सुनिश्चित किया जाय कि लू लगने की स्थिति में प्रभावितों को पर्याप्त एवं उचित मात्रा में जीवन रक्षक औषधियां जो ताप-घात (हीट स्ट्रोक) में प्रयोग की जाती है, पर्याप्त मात्रा उपलब्ध रहें।

किसी भी तरह की सूचना या मार्ग दर्शन हेतु ज़िला आपदा प्रबंधन कोषांग, सिविल सर्जन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यरत राज्य स्वास्थ्य समिति, शेखपुरा, पटना में स्थापित राज्य नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या ‘104’ से सम्पर्क स्थापित कर तथा ई मेल आई.डी ssobihar@gmail.com    पर सूचना भेजी जा सकती है।

ज़िलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि उपर्युक्त कार्रवाईयों को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराएं।

वंदना की रिपोर्ट