प्री-मानसून की तैयारी - DM की दोटूक चेतावनी: पटना में जल-जमाव हुआ तो अधिकारियों पर दर्ज होगी FIR, 'आपराधिक लापरवाही' का चलेगा केस
पटना में इस बार मानसून के दौरान जल-जमाव होने पर अधिकारियों की खैर नहीं होगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तैयारियों में किसी भी तरह की लापरवाही को 'अपराधिक लापरवाही' माना जाएगा और दोषी अधिकारियों पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
Patna - पटना के जिलाधिकारी ने आगामी मानसून के दौरान अतिवृष्टि की स्थिति से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु पटना शहर को संभावित जल-जमाव की समस्या से मुक्त रखना था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मानसून आने से पहले सभी सुरक्षात्मक और निरोधात्मक कार्य पूरे कर लिए जाने चाहिए ताकि आम जनता को जल-निकासी की समस्या का सामना न करना पड़े।
अंतर्विभागीय समन्वय पर विशेष जोर
जल-जमाव रोकने के लिए जिलाधिकारी ने बुडको, नगर निगम, मेट्रो, रेलवे, पथ निर्माण, विद्युत, पुल निर्माण और एनएचएआई (NHAI) सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बिठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अक्सर विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्य अधूरे रह जाते हैं, इसलिए सभी विभाग अंतर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित कर त्रुटिरहित ढंग से कार्य संपन्न करें।

लापरवाही को माना जाएगा 'आपराधिक'
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जल-जमाव की स्थिति में किसी विभाग की चूक सामने आती है, तो इसे 'आपराधिक लापरवाही' माना जाएगा। ऐसे दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अनुमंडल पदाधिकारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
फील्ड स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करने के लिए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDOs) को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत सभी संवेदनशील इलाकों का स्वयं निरीक्षण करने और तैयारियों का नियमित अनुश्रवण करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी है कि सभी कार्य मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार ही सुनिश्चित किए जाएं।
आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन तैयार
इस बैठक के जरिए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए शासन पूरी तरह गंभीर है। जल-निकासी पंपों की मरम्मत से लेकर नालों की सफाई तक के कार्यों की समय-सीमा तय कर दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सचेत किया है कि वे कागजों के बजाय धरातल पर कार्यों को दुरुस्त करें, अन्यथा आपदा की स्थिति में सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।