बिहार में हॉकी के नए युग की शुरुआत, अगस्त में तैयार होगा पहला इंटरनेशनल हॉकी ग्राउंड, नीदरलैंड की एस्ट्रोटर्फ पर दौड़ेंगे खिलाड़ी
Patna International Hockey Ground: बिहार की खेल नगरी के तौर पर राजधानी पटना की पहचान अब और मजबूत होने जा रही है। ...
Patna International Hockey Ground: बिहार की खेल नगरी के तौर पर राजधानी पटना की पहचान अब और मजबूत होने जा रही है। पटना को जल्द ही अपना पहला इंटरनेशनल हॉकी ग्राउंड मिलने वाला है। राजेंद्रनगर स्थित फिजिकल कॉलेज के पीछे बन रहे इस अत्याधुनिक हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी 29 अगस्त खेल दिवस के मौके पर इसका भव्य उद्घाटन किया जा सकता है।
करीब 8.44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान में नीदरलैंड से मंगाई गई अत्याधुनिक पॉलीटेन ब्लू एस्ट्रोटर्फ लगाई जा रही है। यह वही आधुनिक तकनीक वाली टर्फ है, जिसका इस्तेमाल पेरिस ओलंपिक 2024 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में किया गया था। यह टर्फ खिलाड़ियों की गति और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के साथ-साथ चोट लगने की आशंका को भी कम करती है।मैदान पर एस्ट्रोटर्फ बिछाने के बाद पाथ-वे निर्माण और अत्याधुनिक स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने का काम शुरू होगा। अंतरराष्ट्रीय हॉकी मानकों को ध्यान में रखते हुए मैदान को तैयार किया जा रहा है, ताकि यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जा सकें।
बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के बीच कुछ समय के लिए एस्ट्रोटर्फ लगाने का काम बाधित हो गया था। इसके बाद इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) की अधिकृत जांच एजेंसी ने मैदान का निरीक्षण किया। जांच के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट में एजेंसी ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाया। जांच रिपोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अब मैदान पर अंतिम चरण का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।राजगीर के बाद पटना बिहार का दूसरा ऐसा मैदान होगा, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की एस्ट्रोटर्फ सुविधा उपलब्ध होगी। इस मैदान के शुरू होने के बाद राजधानी के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात मिलेगी। उन्हें अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाओं वाले मैदान के लिए बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी।
मैदान के दूसरे चरण में खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां करीब 1000 दर्शकों के लिए स्थायी गैलरी बनाई जाएगी, जबकि जरूरत पड़ने पर अस्थायी व्यवस्था के जरिए 1500 दर्शकों तक की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।इस हॉकी ग्राउंड में बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के ठहरने के लिए आधुनिक डोरमेट्री भी बनाई जाएगी। इससे राज्य और देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। प्रशिक्षण शिविरों और प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी आसानी होगी।
इस मैदान के तैयार होने से बिहार में हॉकी खेल को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय खिलाड़ियों को रोजाना अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान पर अभ्यास का मौका मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी। साथ ही बिहार में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप आयोजित कराने का रास्ता भी साफ होगा।पटना का यह नया हॉकी ग्राउंड सिर्फ एक खेल मैदान नहीं, बल्कि बिहार के खेल सपनों को नई उड़ान देने वाला केंद्र साबित हो सकता है। आने वाले समय में यह मैदान राज्य के उभरते हॉकी खिलाड़ियों के लिए सफलता की नई राह खोलने वाला है।