पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव संपन्न: मोकामा विधानसभा क्षेत्र में पड़े 2,839 वोट, 18 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में कैद
बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत मोकामा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोकामा में 2,839 मतदाताओं ने अपने वोट डाले...
Patna : बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। इस हाई-प्रोफाइल चुनाव में कुल 18 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है। पटना, नालंदा और नवादा जिलों में फैले इस निर्वाचन क्षेत्र के तहत मोकामा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोकामा, घोसवरी और पंडारक में भी स्नातकों ने अपने मताधिकार का भरपूर इस्तेमाल किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन तीनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 2,839 मतदाताओं ने अपने वोट डाले।
मोकामा क्षेत्रवार मतदान के आधिकारिक आंकड़े
मोकामा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में दर्ज किए गए मतदान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- मोकामा: कुल 3,078 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,891 मतदाताओं ने मतदान किया।
- घोसवरी: कुल 491 पंजीकृत मतदाताओं में से 295 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
- पंडारक: इस क्षेत्र में कुल 653 मतदाताओं ने अपने मत डाले।
इन सभी आंकड़ों को जोड़कर कुल 2,839 वोट पड़े, जो इस चुनावी क्षेत्र के समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माने जा रहे हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले और मोकामा की राजनीतिक चर्चा
यह चुनाव मुख्य रूप से जदयू के तीन बार के सिटिंग एमएलसी नीरज कुमार, राष्ट्रीय जनता दल के दिलीप पटेल और जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज कुमार के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के रूप में चर्चा में रहा। खासकर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह द्वारा जन सुराज के प्रत्याशी अनुज कुमार को खुला समर्थन दिए जाने के कारण यह सीट पूरे राज्य में सबसे हॉट बन गई थी। अनंत सिंह के समर्थन और ताबड़तोड़ दौरों से इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया था।
शाम 4 बजे तक 36.19 फीसदी मतदान और 27 अक्टूबर को परिणाम
शाम 4 बजे तक पटना स्नातक सीट पर कुल 36.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद तमाम उम्मीदवारों की राजनीतिक तकदीर ईवीएम या मतपेटियों में सुरक्षित हो चुकी है। अब सभी की निगाहें आगामी 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना और आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि मतदाताओं ने किसके सिर पर जीत का ताज पहनाया है।

प्रिय दर्शन की रिपोर्ट