Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने हृदय रोग से पीड़ित लल्लू मुखिया को अविलंब AIIMS दिल्ली भेजने का दिया निर्देश, कहा कैदी को है जीवन और स्वास्थ्य का अधिकार
Bihar News : पटना उच्च न्यायालय ने लल्लू मुखिया के विशेष चिकित्सा उपचार के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में लल्लू मुखिया भागलपुर के विशेष केंद्रीय कारागार में बंद हैं......पढ़िए आगे
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति के जीवन एवं स्वास्थ्य के अधिकार की पुनः पुष्टि की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता शोभा देवी द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके पति करणवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया, जो वर्तमान में बरह थाना कांड संख्या-98/2023 में न्यायिक हिरासत में भागलपुर के विशेष केंद्रीय कारा में बंद हैं, के समुचित एवं विशेष चिकित्सा उपचार हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
उक्त कांड भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302, 120बी एवं 34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के अंतर्गत दर्ज है। उल्लेखनीय है कि करणवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया की नियमित जमानत याचिका क्रिमिनल मिसलेनियस संख्या 4099/2026 को पटना हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में 21 अप्रैल 2026 को अस्वीकृत कर दिया गया था।
इस मामले में यह तथ्य कोर्ट के समक्ष रखा गया कि जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड, भागलपुर तथा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईसी), पटना के मेडिकल बोर्ड ने जांच के उपरांत पाया कि बंदी गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हैं तथा उनकी हृदय की कई धमनियों में गंभीर अवरोध है। मेडिकल बोर्ड ने उन्हें तत्काल उन्नत एवं जीवनरक्षक उपचार हेतु एम्स, नई दिल्ली रेफर करने की अनुशंसा की थी, किंतु संबंधित अधिकारियों द्वारा इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इस मामले की गंभीरता एवं बंदी के जीवन पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए हाईकोर्ट ने आवश्यक निर्देश पारित करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि उन्हें बिना किसी विलंब के अनुशंसित विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिकाकर्ता की ओर से इस मामले याचिकाकर्ता का पक्ष प्रस्तुत करते हुए वरीय अधिवक्ता निवेदिता निर्विकार ने की, जिन्हें अधिवक्ता मधुमय मधुप ने सहयोग प्रदान किया। यह आदेश इस सिद्धांत को पुनर्स्थापित करता है कि न्यायिक हिरासत में रहने वाला व्यक्ति भी संविधान प्रदत्त जीवन एवं स्वास्थ्य के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।