पटना हाईकोर्ट में इंटरनेट का संकट! चीफ जस्टिस की बेंच ने इनको पार्टी बनाने का दिया आदेश, मांगा जवाब

पटना हाईकोर्ट में हाई-स्पीड इंटरनेट और वाई-फाई सुविधा को लेकर सुनवाई। कोर्ट ने BSNL और बेल्ट्रॉन को पार्टी बनाने का दिया आदेश, दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट।

पटना हाईकोर्ट में इंटरनेट का संकट! चीफ जस्टिस की बेंच ने इनक

Patna - पटना हाईकोर्ट के परिसर और कोर्ट रूम में समयबद्ध तरीके से हाई-स्पीड इंटरनेट और वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने अधिवक्ता ओमप्रकाश कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले में BSNL और बेल्ट्रॉन को पक्षकार (पार्टी) बनाने का निर्देश दिया है।

दो सप्ताह में कार्रवाई का ब्यौरा तलब

कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट प्रशासन के अधिवक्ता को अब तक इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिशा में की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा देने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि परिसर में वाई-फाई उपलब्ध कराने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी।

डिजिटल न्यायिक सेवाओं में आ रही बाधा

याचिकाकर्ता अधिवक्ता ओमप्रकाश ने दलील दी कि पटना हाईकोर्ट ने ई-कोर्ट प्रणाली, हाइब्रिड सुनवाई, डिजिटल केस मैनेजमेंट और ई-फाइलिंग जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म को तो अपना लिया है, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी है। वर्तमान में हाईकोर्ट के कोर्ट रूम और गलियारों में इंटरनेट न के बराबर है, जिससे ई-फाइलिंग पोर्टल और वर्चुअल सुनवाई में बार-बार व्यवधान उत्पन्न होता है।

अनुच्छेद 14 और 21 के उल्लंघन का हवाला

जनहित याचिका में मांग की गई है कि इंटरनेट के नियमित रखरखाव और निर्बाध संचालन के लिए एक व्यापक नीति तैयार की जाए। अधिवक्ता ने कहा कि पर्याप्त इंटरनेट सुविधा न होना डिजिटल न्यायिक सेवाओं के प्रभाव को कम करता है। यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, क्योंकि इससे समयबद्ध न्याय प्रक्रिया में बाधा पहुँच रही है।

प्रशासन की निष्क्रियता पर उठाए सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिहार सरकार और हाईकोर्ट के महानिबंधक (रजिस्ट्रार जनरल) मौजूदा परिस्थितियों से अवगत हैं। इसके बावजूद अधिकारियों की कथित निष्क्रियता और उदासीनता के कारण वकीलों और वादियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में भी रजिस्ट्रार जनरल से इस संबंध में जानकारी मांगी थी।

अगली सुनवाई में पेश होंगे अहम तथ्य

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह BSNL और बेल्ट्रॉन को पार्टी बनाकर उन्हें याचिका की कॉपी सौंपें। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी, जिसमें यह तय होगा कि एशिया के इस ऐतिहासिक कोर्ट परिसर को कब तक पूरी तरह से वाई-फाई युक्त बनाया जाएगा ताकि सुचारू न्यायिक प्रशासन सुनिश्चित हो सके।