जस्टिस अंशुल राज का शपथ ग्रहण कल: पटना हाईकोर्ट के शताब्दी भवन में होगा भव्य समारोह, राष्ट्रपति ने की है नियुक्ति
पटना हाईकोर्ट के नवनियुक्त न्यायाधीश अंशुल उर्फ अंशुल राज कल, 27 जनवरी 2026 को अपने पद की शपथ लेंगे। हाईकोर्ट के शताब्दी भवन में सुबह 10:30 बजे मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू उन्हें पद और गोपननियता की शपथ दिलाएंगे
Patna - : पटना उच्च न्यायालय में न्यायिक कामकाज को गति देने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नियुक्त नवनियुक्त जज अंशुल उर्फ अंशुल राज कल यानी 27 जनवरी, 2026 को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। हाईकोर्ट के शताब्दी भवन में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू उन्हें शपथ दिलाएंगे। इस नियुक्ति के साथ ही न्यायालय में जजों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो जाएगी, जिससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
शताब्दी भवन में सुबह 10:30 बजे होगा शपथ ग्रहण
पटना हाईकोर्ट के नवनियुक्त जज अंशुल उर्फ अंशुल राज के शपथ ग्रहण समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम मंगलवार, 27 जनवरी को सुबह साढ़े दस बजे हाईकोर्ट के नवनिर्मित शताब्दी भवन के सभागार में आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी हाईकोर्ट के अन्य माननीय जज, अधिवक्ता और गणमान्य अतिथि बनेंगे।
राष्ट्रपति ने दी थी नियुक्ति को मंजूरी
गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अंशुल राज की प्रतिभा और अनुभव को देखते हुए भारत की राष्ट्रपति माननीय द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें जज के पद पर नियुक्त किया है। इस संदर्भ में भारत सरकार के विधि व न्याय मंत्रालय ने 23 जनवरी, 2026 को ही आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी थी। शपथ ग्रहण के साथ ही वे औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लेंगे।
जजों की संख्या बढ़कर हुई 38
नवनियुक्त जज अंशुल राज के पदभार संभालने के बाद पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कार्यक्षमता में इजाफा होगा। वर्तमान में यहां जजों की कुल संख्या 37 है, जो कल शपथ ग्रहण के बाद 38 हो जाएगी। पिछले कुछ समय से हाईकोर्ट में जजों की कमी को देखते हुए केंद्र और राज्य स्तर पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की जा रही थी।
अब भी रिक्त हैं 15 महत्वपूर्ण पद
जजों की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद पटना हाईकोर्ट में पदों का खाली रहना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 53 है। अंशुल राज की नियुक्ति के बाद भी 15 पद रिक्त रहेंगे। इन रिक्तियों के कारण न्यायालय पर मुकदमों का बोझ काफी अधिक है और न्याय प्रक्रिया को और सुगम बनाने के लिए अभी भी 15 और जजों की आवश्यकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता से जज तक का सफर
अंशुल राज का करियर एक वकील के रूप में बेहद शानदार रहा है। वे अपनी कानूनी समझ और निष्पक्ष दलीलों के लिए वकीलों और जजों के बीच लोकप्रिय रहे हैं। उनकी इस पद पर नियुक्ति को अधिवक्ता समाज के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से न्यायपालिका की गरिमा बढ़ेगी और आम जनता को त्वरित न्याय मिलने में मदद मिलेगी।