'सरकारी एजेंसियों पर भी ठोंको जुर्माना': पटना हाईकोर्ट का सख्त रुख, ध्वनि और वायु प्रदूषण पर थानाध्यक्षों को किया तलब

पटना हाईकोर्ट ने ध्वनि और वायु प्रदूषण पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए लापरवाह थानाध्यक्षों को तलब किया है और सरकारी एजेंसियों पर भी जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। मसौढ़ी प्रशासन की सराहना करते हुए कोर्ट ने पूरे राज्य के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्लान मा

'सरकारी एजेंसियों पर भी ठोंको जुर्माना': पटना हाईकोर्ट का सख

Patna - पटना हाईकोर्ट ने राज्य,विशेषकर राजधानी पटना में  वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस राजीव राय ने याचिकाकर्ता सुरेंद्र कुमार की  याचिका पर सुनवाई की।  कोर्ट ने ध्वनि व वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया है।

कोर्ट ने रूपसपुर एवं बुद्धा कॉलोनी थाना के थानाध्यक्षों को अगली सुनवाई में तलब किया है। इन अधिकारियों ने कोर्ट को करवाइयों का ब्यौरा नहीं दिया था।एमीकस क्यूरी अधिवक्ता अजय ने गांधी मैदान, पिरबहोर व कदमकुआँ के थानाध्यक्षों द्वारा  दायर जवाब डीजे के विरुद्ध किये जुर्माने या जब्त करने का कोई ब्यौरा नहीं दिया।

इस पर कोर्ट ने तीनों थानाध्यक्षों को ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाईयों का ब्यौरा 15 नवंबर,2025 से 13 मार्च,2026 की अवधि तक देने का निर्देश दिया।  कोर्ट ने इन कमियों के बीच मसौढ़ी के एसडीएम और एस पी,पटना की कार्रवाईयों की प्रशंसा की।सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कोर्ट को बताया कि एसडीएम ,मसौढ़ी ने ध्वनि प्रदूषण से सम्बन्धित शिकायतों को दर्ज करने के लिए आम जनता को एक टेलीफोन नंबर उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि मैरिज हॉल वालों ने ये आश्वासन दिया कि वे बिहार लाउडस्पीकर एक्ट,1955 का पूरी तरह से पालन करेंगे।

साथ ही ध्वनि प्रतिबंध से सम्बन्धित पोस्टर स्कूल व कालेजों में लगाए जाएंगे।अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने बताया कि  पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक ने 24 फरवरी,2026 को तीनों ( पूर्वी,पश्चिमी,केंद्रीय) सिटी एस पी,शहरी व ग्रामीण एसपी ,सभी थानाध्यक्षों को ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।  जस्टिस राजीव रॉय ने प्रशासन की इन कदमों की सराहना करते हुए कहा कहा कि राज्य की अन्य संस्थायें जनता के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रभावी कदम उठाये।

बिहार राज्य प्रदूषण  नियंत्रण बोर्ड के वरीय अधिवक्ता राजेश सिंह ने बताया कि ये ए क्वि आई आंकड़े दानापुर,प्लेनेटरियम और पाटलिपुत्र से लिए गये है । कोर्ट ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि वायु व ध्वनि प्रदूषण मामलों में कानून उल्लंघन पर जुर्माना सख्ती से लगाया जाये।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये जुर्माना आम लोगों पर ही  नहीं लगाए जाये,बल्कि सरकारी एजेंसियों पर भी जुर्माना लगाया जाये। कागज,सूखे पत्ते,कूड़े आदि सड़क, सार्वजानिक स्थल,निजी या सार्वजनिक भवनों के पास नहीं जलाये जाये।ये नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट का आदेश है।

इन मुद्दों पर की जा रही कार्रवाईयों का ब्यौरा देने के लिए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरीय अधिवक्ता राजेश सिंह के साथ सदस्य सचिव नीरज नारायण भी कोर्ट में उपस्थित थे। कोर्ट ने उन्हें राज्य सरकार के अधिवक्ता प्रशांत प्रताप, इमिकस क्यूरी वरीय अधिवक्ता अजय व बोर्ड के वरीय अधिवक्ता राजेश सिंह के साथ सबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया।इसमें वायु व ध्वनि प्रदूषण  को नियंत्रित करने के योजना पर विचार हो।अगली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष इस बैठक की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये। इस मामलें पर अगली सुनवाई 10 अप्रैल,2026 को होगी।