शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड के बाद उठी हॉस्टलों के जांच की मांग; संचालक बोले- 'बिना नियमों के चल रहे अवैध धंधे'

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत के बाद हॉस्टल संचालकों ने ही अब सरकार से कड़े नियम और नियमित ऑडिट की मांग की है, ताकि छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टलों के माहौल को बेहतर बनाया जा सके।

शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड के बाद उठी हॉस्टलों के जांच की मांग;

Patna । राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस चर्चित हॉस्टल से महज कुछ ही दूरी पर स्थित लड्डू गोपाल गर्ल्स हॉस्टल के संचालक अमरनाथ सरण ने सरकार और प्रशासन से हॉस्टलों के लिए स्पष्ट नियमावली बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पटना जैसे एजुकेशन हब में हॉस्टलों का ऑडिट और समय-समय पर जांच अनिवार्य होनी चाहिए ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

हॉस्टल संचालन के लिए बने कड़ा मानक


संचालक अमरनाथ सरण ने न्यूज़ 4 नेशन से बातचीत में कहा कि किसी भी हॉस्टल को चलाने के लिए सरकार को एक मानक (Norms) तय करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं फायर एनओसी (Fire NOC) के लिए दो साल पहले आवेदन किया था, लेकिन अब तक वह लंबित है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि केवल कमियां निकालने के बजाय उन्हें दूर करने में सहयोग करें और नियमों का पालन न करने वाले हॉस्टलों पर सख्त कार्रवाई करें।

अवैध गतिविधियों और शराब पर जताई चिंता

शंभू गर्ल्स हॉस्टल में मिली शराब की बोतलों और अन्य अवैध वस्तुओं पर टिप्पणी करते हुए संचालक ने कहा कि मोहल्ले का माहौल छात्राओं के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने बताया कि इस इलाके में दैनिक मजदूरों की संख्या अधिक है और शराब की होम डिलीवरी जैसी समस्याएं आम हैं। ऐसे में प्रशासन को शाम के समय विशेष निगरानी रखनी चाहिए ताकि हॉस्टलों की आड़ में चल रहे अवैध धंधों पर लगाम लगाई जा सके।

छात्राओं की सुरक्षा और अभिभावकों का डर

हॉस्टल संचालक ने स्वीकार किया कि इस घटना के बाद छात्राओं और उनके अभिभावकों में डर का माहौल है। कई अभिभावक अपने बच्चों से मिलने और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने हॉस्टल पहुँच रहे हैं। अमरनाथ सरण ने बताया कि उनके हॉस्टल में बिना अभिभावक की अनुमति और दस्तावेजों (आधार कार्ड, फोटो) के किसी का प्रवेश वर्जित है। उन्होंने अन्य हॉस्टलों को भी इसी तरह की पारदर्शी व्यवस्था अपनाने की सलाह दी।

प्रशासन से समयबद्ध जांच की अपील

संचालक ने जोर देकर कहा कि पटना में हजारों छात्राएं बाहर से आकर पढ़ाई करती हैं। यदि हॉस्टलों की नियमित जांच नहीं हुई, तो शंभू गर्ल्स हॉस्टल जैसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वह केवल कागजी कार्रवाई न करे, बल्कि जमीन पर उतरकर हॉस्टलों के माहौल और वहां दी जा रही सुविधाओं का ऑडिट करे।

Report - anil sinha