Patna Khas Mahal land: पटना में खासमहाल जमीन पर बड़ा फैसला, कब्जाधारियों को मिलेगा मालिकाना हक, इस दिन से सरकार शुरू करेगी फ्री-होल्ड प्रक्रिया

Patna Khas Mahal land: पटना में खासमहाल की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे विवाद को खत्म करने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

Patna Khas Mahal Occupants Set to Get Ownership Rights
खासमहाल जमीन पर बड़ा फैसला- फोटो : social Media

Patna Khas Mahal land:  पटना में खासमहाल की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे विवाद को खत्म करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिन लोगों ने लीजधारकों से स्टांप पेपर पर खासमहाल की जमीन खरीदी है और वर्तमान में जिनका उस पर वास्तविक दखल-कब्जा है, उन्हें सरकार फ्री-होल्ड के जरिए मालिकाना हक देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जल्द ही आवेदन मांगे जाएंगे।

पटना जिले में करीब 75 से 100 वर्ष पहले 632 लोगों को कुल 136.18 एकड़ खासमहाल जमीन लीज पर दी गई थी। इनमें 500 लोगों के पास स्थायी, जबकि 132 लोगों के पास अस्थायी लीज थी। नियमानुसार यह जमीन हस्तांतरणीय नहीं थी, लेकिन समय के साथ बड़ी संख्या में लीजधारकों ने एग्रीमेंट और स्टांप ड्यूटी के जरिए इसकी खरीद-बिक्री कर दी। इसे लीज की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए जिला प्रशासन कार्रवाई करता रहा, जिससे सैकड़ों मामले अदालतों तक पहुंच गए।

लंबे समय से चले आ रहे इसी कानूनी गतिरोध को समाप्त करने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने 16 दिसंबर 2023 को सरकार को नई नीति बनाने का प्रस्ताव भेजा था। अब राज्य सरकार ने इस पर सहमति जताते हुए फ्री-होल्ड की प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया है।

नई व्यवस्था के तहत जिन लोगों के पास जमीन का वास्तविक कब्जा है और जिनके पास स्टांप ड्यूटी या अन्य वैध दस्तावेज खरीद के साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं, वे आवेदन कर सकेंगे। सरकार बाजार मूल्य (एमवीआर) का एक निर्धारित हिस्सा शुल्क के रूप में लेकर जमीन को फ्री-होल्ड करेगी। अधिकारियों के अनुसार, आवास बोर्ड फिलहाल अपनी जमीनों को 10 प्रतिशत राशि लेकर फ्री-होल्ड करता है। खासमहाल की जमीन के लिए भी शुल्क इसी के आसपास तय किए जाने की संभावना है।

यदि किसी एक भूखंड पर एक से अधिक लोग दावा करते हैं, तो मामला सक्षम प्राधिकार के समक्ष सुना जाएगा। कानूनी दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही फ्री-होल्ड का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से वर्षों से मालिकाना हक की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।