महापर्व की महातैयारी! पटना महावीर मंदिर में 26 मार्च की रात 2 बजे खुलेंगे कपाट, छांव में दर्शन करेंगे लाखों श्रद्धालु, प्रशासन ने कसी कमर
पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में रामनवमी पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ के लिए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। 26 मार्च की रात से ही कपाट खुल जाएंगे।
Patna - पटना में रामनवमी 2026 को लेकर भक्ति का सैलाब उमड़ने को तैयार है। विश्व प्रसिद्ध महावीर मंदिर में भक्तों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने 'मिशन मोड' में तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने खुद मोर्चा संभालते हुए मंदिर परिसर का सघन निरीक्षण किया है, ताकि सुरक्षा और सुविधा में कोई कसर न रहे।
26 मार्च की रात से शुरू होगा भक्ति का अनवरत सिलसिला
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, भक्तों का इंतजार 26 मार्च की रात 2 बजे ही खत्म हो जाएगा। कपाट खुलते ही सवा दो बजे हनुमान लला की भव्य 'जागरण आरती' होगी। इसके बाद दर्शन और पूजन का जो सिलसिला शुरू होगा, वह अगले दिन 27 मार्च की रात्रि आरती तक बिना रुके चलता रहेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
धूप से राहत के लिए 'प्रोटेक्शन शील्ड' और लाइटिंग
मार्च की तपिश को देखते हुए इस बार श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। वीर कुंवर सिंह पार्क से लेकर मंदिर परिसर तक बांस और लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग के साथ विशाल छायादार पंडाल (कैनोपी) बनाए गए हैं। रात के समय कतारों में खड़े भक्तों को असुविधा न हो, इसके लिए पूरे मार्ग में दूधिया रोशनी की व्यवस्था की गई है। पेयजल और शर्बत के स्टॉल भी हर कुछ दूरी पर उपलब्ध रहेंगे।
18 हजार किलो नैवेद्यम और काउंटर मैनेजमेंट
प्रसाद के लिए मशहूर 'नैवेद्यम' की इस बार भारी मांग को देखते हुए 18,000 किलो लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के भीतर कोई भी नैवेद्यम काउंटर नहीं रखा गया है। इसके बदले मंदिर के बाहर और भक्त मार्ग पर 15 विशेष काउंटर और निजी विक्रेताओं के 30 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु आसानी से प्रसाद ले सकें।
कमांड कंट्रोल रूम और लाइव दर्शन की सुविधा
सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस बल के साथ 100 से अधिक निजी सुरक्षाकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। आपात स्थिति के लिए मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस और मोबाइल शौचालय की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है। जो श्रद्धालु कतार में पीछे होंगे, वे निराश न हों, इसके लिए मंदिर परिसर के बाहर कई बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिन पर गर्भगृह के लाइव दर्शन निरंतर चलते रहेंगे।
प्रशासनिक मुस्तैदी: DM और SSP का कड़ा निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कतार व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीनियर एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने सुरक्षा घेरे की समीक्षा की और मंदिर प्रबंधन के साथ बैठक कर क्राउड मैनेजमेंट के हर पहलू पर चर्चा की। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर भक्त सुरक्षित और सुगमता से दर्शन कर सके।