पटना में वार्ड पार्षद की दबंगई? ठेकेदार से मांगी रंगदारी, कहा- 'बाहर वाले को काम नहीं करने देंगे'
पटना के मनेर नगर परिषद में सड़क और नाला निर्माण करा रहे ठेकेदार राजीव रंजन से वार्ड 10 के पार्षद विकास कुमार पर 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। मजदूरों को धमकाने और काम रोकने की इस घटना की पुलिस जांच कर रही है।
पटना के मनेर नगर परिषद क्षेत्र से विकास कार्यों में बाधा डालने और अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ सड़क और नाला निर्माण का काम करा रहे एक ठेकेदार से स्थानीय वार्ड पार्षद द्वारा 5 लाख रुपये की रंगदारी (अवैध राशि) मांगने का आरोप लगा है। ठेकेदार राजीव रंजन ने इस संबंध में मनेर थाने में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलके में हड़कंप मच गया है।
सरकारी ठेके के काम में रुकावट और मजदूरों को धमकाने का आरोप
शिकायतकर्ता 'राजीव रंजन इन्टरप्राईजेज' के संचालक राजीव रंजन को नगर परिषद मनेर की ओर से "बड़ी चौराहा से मीराचक मोड़ तक पीसीसी सड़क एवं आरसीसी नाला निर्माण" का आधिकारिक ठेका मिला है। ठेकेदार का आरोप है कि वार्ड संख्या 10 के पार्षद विकास कुमार (पिता श्री उदय शंकर गुप्ता, निवासी बस्ती रोड) और उनके कुछ अज्ञात सहयोगियों ने काम रोकने की नीयत से उनसे 5 लाख रुपये की मांग की। इतना ही नहीं, रंगदारी न देने पर वे लोग निर्माण स्थल पर आकर मजदूरों को डरा-धमका रहे हैं जिससे विकास कार्य पूरी तरह बाधित हो रहा है।
"बाहर के आदमी को मनेर में काम नहीं करने देंगे", अंजाम भुगतने की धमकी
थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, आरोपी वार्ड पार्षद द्वारा ठेकेदार को लगातार धमकी दी जा रही है कि अगर तय समय पर पैसे नहीं मिले तो उन्हें इसके गंभीर "अंजाम भुगतने" होंगे। ठेकेदार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी क्षेत्रीयता की आड़ में उन्हें डरा रहे हैं और खुलेआम कह रहे हैं कि "बाहर का आदमी आकर मनेर में कैसे कार्य करा लेगा, देखते हैं"। इस तरह की धमकियों के कारण निर्माण स्थल पर काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।
थानाध्यक्ष समेत पटना डीएम और वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार
ठेकेदार राजीव रंजन ने मनेर थानाध्यक्ष से इस मामले में त्वरित और उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि सड़क और नाला निर्माण का कार्य बिना किसी डर के समय पर पूरा हो सके। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस आवेदन की प्रतिलिपि (कॉपी) नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस अधीक्षक पश्चिमी, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), जिलाधिकारी पटना (DM) और प्रधान सचिव नगर विकास विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। स्थानीय पुलिस के अनुसार आवेदन प्राप्त हो चुका है और मामले की सत्यता जानने के लिए गहन छानबीन शुरू कर दी गई है।