Patna Crime: मोकामा के कुख्यात सोनू सिंह की तलाश में 8 जिलों में पुलिस का तांडव, मैदान में उतरी STF, बिहार पुलिस की रात-दिन छापेमारी जारी
Patna Crime: नौरंगा जलालपुर गोलीकांड के बाद कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और उसके गैंग के खिलाफ पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा है कि आठ जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
Patna Crime: पटना के मोकामा और उसके आसपास का इलाका एक बार फिर दहशत और दमन की कहानी में डूब गया है। नौरंगा जलालपुर गोलीकांड के बाद कुख्यात अपराधी सोनू सिंह और उसके गैंग के खिलाफ पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा है कि आठ जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर है, जिससे पुलिस की रणनीति और खुफिया तंत्र पर सवाल भी उठने लगे हैं।
पंचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव में 24 मई को हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में पैक्स अध्यक्ष मुकेश सिंह के बयान पर दर्ज केस में सोनू सिंह, उसके पिता प्रमोद सिंह और सौरव सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। तभी से यह गैंग फरार चल रहा है और पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका है।बता दें पुलिस के अनुसार पंचमहला थाना अंतर्गत नौरंगा जलालपुर गांव में सरपंच पति और मुखिया पति प्रमोद सिंह के बीच कहा-सुनी हुई थी। इस दौरान कुख्यात अपराधी सोनू कुमार ने हवाई फायरिंग की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में तीन डीएसपी के नेतृत्व में तीन अलग-अलग विशेष टीमें गठित की गई हैं। इसके साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक यूनिट को भी इस मिशन में लगाया गया है, ताकि किसी भी हालत में गैंग तक पहुंचा जा सके। छापेमारी का दायरा छपरा, सीवान, मोतिहारी, कटिहार, गया, गोपालगंज, समस्तीपुर और बेगूसराय जैसे जिलों तक फैला हुआ है।
पुलिस को इनपुट मिला था कि गोलीकांड के बाद सोनू सिंह बिहार छोड़कर फरार होने की फिराक में है, जिसके बाद सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। गांव में कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। इस बीच पुलिस की लगातार दबिश से इलाके में तनाव और खामोशी का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस गैंग को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।जानकारी के अनुसार, सोनू सिंह और उसका भाई मोनू सिंह पिछले लगभग 18 वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं। शुरुआत में यह दोनों छोटे-मोटे अपराधों से जुड़े थे, लेकिन धीरे-धीरे इन्होंने अपना एक संगठित आपराधिक नेटवर्क तैयार कर लिया।
इनका पहला बड़ा आपराधिक मामला 2009 में मोकामा रेल थाना क्षेत्र में दर्ज लूट का था, जिसके बाद इनका नाम लगातार अपराध की दुनिया में उभरता गया। इसके बाद लखीसराय, बेगूसराय और पटना के कई इलाकों में लूट, अपहरण और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में इनकी संलिप्तता सामने आई।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों भाइयों पर वर्तमान में 30 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अपहरण, लूट, आर्म्स एक्ट और रंगदारी जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। वर्ष 2019 में तो मनरेगा के एक अधिकारी के अपहरण का मामला भी सामने आया था, जिसे पुलिस ने समय रहते बरामद कर एक बड़ी वारदात को टाल दिया था।इसके बावजूद सोनू-मोनू गैंग का नेटवर्क लगातार मजबूत होता गया और कई थानों में इनके खिलाफ संगीन मामले दर्ज होते रहे। मोकामा, बाढ़, खुसरूपुर, कंकड़बाग, हाथीदह, पचमहला, बड़हिया और हलसी जैसे थानों में इनकी सक्रियता ने पुलिस को लंबे समय तक उलझाए रखा है।
अब नौरंगा जलालपुर गोलीकांड के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। पुलिस इसे हाई रिस्क ऑपरेशन मानकर चल रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल कायम है।फिलहाल पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन कुख्यात सोनू सिंह अभी भी कानून की पकड़ से बाहर है—जिसने पूरे इलाके को एक बार फिर डर और खौफ की छाया में धकेल दिया है।