Patna NEET student death: गर्ल्स हॉस्टल छात्रा मौत मामले में नया मोड़! FSL की बायोलॉजिकल रिपोर्ट में छात्रा के इनर कपड़े से मानव स्पर्म के अवशेष मिले

Patna NEET student death: पटना के चित्रगुप्त नगर गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट से यौन हिंसा के संकेत मिले। DNA जांच के बाद SIT ने दायरा बढ़ाया।

Patna NEET student death
पटना NEET छात्रा मौत मामले में नया मोड़!- फोटो : social media

Patna NEET student death: पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत अब एक बेहद गंभीर आपराधिक जांच में बदल चुकी है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की बायोलॉजिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मामले में यौन हिंसा की आशंका और मजबूत हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट ने बढ़ाई यौन हिंसा की आशंका

सूत्रों के अनुसार, एफएसएल की जांच में छात्रा के कथित तौर पर घटना के समय पहने गए एक अंतःवस्त्र से मानव स्पर्म के अवशेष पाए गए हैं। यह खुलासा इस पूरे मामले की दिशा बदलने वाला माना जा रहा है। फॉरेंसिक लैब ने इन नमूनों से डीएनए प्रोफाइल भी तैयार कर ली है, जिसे अब संदिग्धों के डीएनए सैंपल से मिलाया जाएगा। जांच एजेंसियों का मानना है कि डीएनए मिलान से आरोपी की पहचान में निर्णायक सफलता मिल सकती है।

संदिग्धों के डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज

एसआईटी ने अब तक गिरफ्तार हॉस्टल बिल्डिंग मालिक समेत 16 से अधिक संदिग्ध लोगों के डीएनए सैंपल लिए हैं। यह प्रक्रिया मेडिकल बोर्ड की निगरानी में गर्दनीबाग अस्पताल में पूरी की गई। पूरी सैंपलिंग मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई, ताकि किसी भी तरह की कानूनी या प्रक्रियागत चूक न हो। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर और लोगों के सैंपल भी लिए जा सकते हैं।

बेउर जेल में बंद आरोपी का भी लिया गया डीएनए

इससे पहले फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम बेउर जेल पहुंची थी, जहां हॉस्टल के बिल्डिंग मालिक और मुख्य आरोपी मनीष रंजन का डीएनए सैंपल लिया गया। अब सभी संदिग्धों के सैंपल को उस डीएनए प्रोफाइल से मिलाया जाएगा, जो छात्रा के अंतःवस्त्र से तैयार की गई है। यह मिलान जांच का सबसे अहम चरण माना जा रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहले ही दे चुकी थी संकेत

छात्रा की मौत के बाद जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ कहा गया था कि यौन हिंसा की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। उसी समय से एसआईटी फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। अब बायोलॉजिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर इसकी पुष्टि की है।

पुलिस ने कैसे की फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया

पटना पुलिस के अनुसार, छात्रा के परिजनों ने 10 जनवरी को उसके कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे। इन कपड़ों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल भेजा गया। जांच के दौरान एक अंतःवस्त्र से मानव स्पर्म के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद डीएनए प्रोफाइल तैयार कर ली गई और अब उसका मिलान संदिग्धों से किया जा रहा है।

लापरवाही पर दो थानों के अधिकारी निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी और कदमकुआं अपर थानाध्यक्ष हेमंत झा को सूचना संकलन और समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस की आंतरिक समीक्षा के बाद की गई।

AIIMS से मांगी गई दूसरी राय

जांच को पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक बनाने के लिए एसआईटी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को एम्स (AIIMS) भेजकर सेकेंड ओपिनियन भी मांगी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे मौत के कारण और यौन हिंसा से जुड़े सवालों पर और अधिक स्पष्टता मिलेगी।

जांच अब निर्णायक चरण में

एफएसएल की रिपोर्ट के बाद यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। डीएनए मिलान के नतीजे आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि छात्रा की मौत के पीछे कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पूरे मामले पर राज्य स्तर पर निगरानी रखी जा रही है और SIT को जल्द से जल्द निष्कर्ष तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।