पटना तारामंडल में खुलेगा विज्ञान का नया संसार, एस्ट्रो पार्क और ऑब्जर्वेटरी डोम से बच्चे खेल-खेल में समझेंगे ब्रह्मांड का रहस्य

Patna Planetarium: पटना के प्रसिद्ध तारामंडल में एक ऐसा आधुनिक केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां बच्चे और आम लोग खेल-खेल में विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को आसानी से समझ सकेंगे।...

Patna Planetarium to Get Astro Park and Modern Observatory D
पटना तारामंडल में खुलेगा विज्ञान का नया संसार- फोटो : social Media

Patna Planetarium: विज्ञान और खगोलशास्त्र को अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा। पटना के प्रसिद्ध तारामंडल में एक ऐसा आधुनिक केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां बच्चे और आम लोग खेल-खेल में विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को आसानी से समझ सकेंगे। तारामंडल परिसर में एस्ट्रो पार्क और ऑब्जर्वेटरी डोम का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत करीब 99.71 लाख रुपये की लागत से ऑब्जर्वेटरी डोम और लगभग 32.56 लाख रुपये खर्च कर एस्ट्रो पार्क विकसित किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह केंद्र बिहार में विज्ञान शिक्षा और खगोलीय अध्ययन का एक प्रमुख आकर्षण बनने की उम्मीद है।

एस्ट्रो पार्क में कुल 11 इंटरैक्टिव साइंस मॉडल लगाए जाएंगे। इन मॉडलों के जरिए छात्र और दर्शक विज्ञान को सिर्फ पढ़ेंगे नहीं, बल्कि उसे प्रयोग और अनुभव के माध्यम से समझ सकेंगे। विज्ञान को रोचक, सरल और व्यवहारिक बनाने के उद्देश्य से तैयार किए जा रहे इस पार्क में कई ऐसे मॉडल होंगे, जो खगोल विज्ञान की बारीकियों को समझाने में मदद करेंगे।जानकारी के अनुसार, एस्ट्रो पार्क में लगाए जाने वाले 11 मॉडलों में से इंटरएक्टिव सन डायल और वर्टिकल सन डायल पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। 

बाकी नौ मॉडलों के लिए भवन निर्माण विभाग की ओर से सिविल कार्य कराया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद यह स्थान विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विज्ञान प्रेमियों के लिए ज्ञान का नया केंद्र बनेगा।वहीं, तारामंडल की छत पर एक अत्याधुनिक ऑब्जर्वेटरी डोम बनाया जा रहा है। इसमें आधुनिक टेलिस्कोप लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से लोग ग्रहों, तारों, चंद्रमा और अंतरिक्ष की अन्य खगोलीय घटनाओं को प्रत्यक्ष देख सकेंगे।

यह सुविधा शुरू होने के बाद बिहार के छात्रों, खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं और आम नागरिकों को अंतरिक्ष को नजदीक से समझने का मौका मिलेगा। अब ब्रह्मांड के रहस्य केवल किताबों और स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि लोग अपनी आंखों से अंतरिक्ष की दुनिया का अनुभव कर सकेंगे।सरकार और विभाग का मानना है कि यह पहल विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी। पटना तारामंडल का यह नया स्वरूप बिहार को विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।