बिहार के सबसे बड़े अस्पताल का 'सिस्टम' फेल: अपनी ही सीनियर नर्स की सास को नहीं दे सके एक स्ट्रेचर

बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां समय पर स्ट्रेचर न मिलने से 82 वर्षीय महिला की हालत बिगड़कर कोमा में चली गई. परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है.

PMCH Woman Goes Into Coma
बिहार के सबसे बड़े अस्पताल का 'सिस्टम' फेल- फोटो : news 4 nation

बिहार के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल में समय पर स्ट्रेचर न मिलने के कारण एक 82 वर्षीय बुजुर्ग मरीज की स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह कोमा में चली गई। यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था के उन दावों की पोल खोलती है, जहाँ आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।

आधे घंटे तक तड़पती रही मरीज, नहीं मिला स्ट्रेचर

नालंदा जिले के चांदी की रहने वाली सुदामा देवी को सांस लेने में तकलीफ के कारण इमरजेंसी में PMCH लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर पहुंचने के बाद वे लगभग आधे घंटे तक स्ट्रेचर के लिए भटकते रहे, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। गंभीर स्थिति होने के बावजूद मरीज को खुले परिसर में ही छोड़ना पड़ा, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः वे अचेत होकर कोमा में चली गईं।

अपनी ही नर्स की सास को नहीं मिली मदद

इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि बीमार महिला सुदामा देवी की बहू खुद इसी PMCH में सीनियर नर्स के पद पर तैनात है। परिजनों ने बताया कि बहू ने अस्पताल कर्मियों को अपना परिचय भी दिया और मदद की गुहार लगाई, लेकिन सिस्टम की संवेदनहीनता ऐसी थी कि अस्पताल के सहकर्मियों ने भी उनकी बात अनसुनी कर दी। रिसेप्शन से लेकर सुपरवाइजर तक, हर जगह से सिर्फ 'स्ट्रेचर नहीं है' का जवाब मिला।

परिजनों का हंगामा और प्रशासन की दखल

मरीज की हालत मरणासन्न होते देख परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्ट्रेचर मांगने पर अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया। जब मामला बढ़ता दिखा और शोर-शराबा हुआ, तब जाकर अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और आनन-फानन में स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया। फिलहाल महिला को मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

जवाबदेही पर उठे सवाल और कार्रवाई की मांग

इस पूरी घटना के बाद परिजनों ने PMCH प्रशासन से दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में एक सीनियर नर्स के परिवार के साथ इस तरह का व्यवहार और संसाधनों की ऐसी किल्लत ने आम मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कड़ा कदम उठाता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।