गज़ब ! ये रिश्ता क्या कहलाता है? एक मोहल्ला,एक किरायेदार और वर्दी में वायरल खूंखार ! आखिर क्या है राज़ ....
वर्दी पहनकर काली स्प्लेंडर पर रौब झाड़ रहा कुख्यात अपराधी गौरी कुमार अब तक फरार। चौंकाने वाली बात कि जिस मोहल्ले में ये अपराधी रहता है वहां से चंद कदमों की दूरी पर थाने के दबंग दारोगा जी भी महतो जी के मकान में बतौर किरायेदार रहते हैं।
राजधानी पटना को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस प्रशासन और आला अधिकारी लगातार दावें और प्रयास कर रहे हैं। पुलिस अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार मुहिम चलाई जा रही है, लगातार सफलता भी मिल रही है। आम आदमी की सुरक्षा और सुरक्षित महौल खातिर खुद बिहार पुलिस के मुखिया से लेकर एसएसपी पटना तक मुस्तैद नज़र आ रहे हैं। लेकिन जारी अभियान के बीच कुछ थानों में तैनात पुलिस पदाधिकारी ही इस मुहिम को पलीता लगाने में जुटे हैं। इसका एक ताज़ा उदाहरण तब सामने आया जब पटना के ही एक थाने से जुड़े एक कुख्यात अपराधी की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हैरान करने वाली बात यह है कि यह शातिर अपराधी पुलिस की वर्दी पहनकर खुलेआम इलाके में चकल्लस करता यानी रौब झाड़ता हुआ घूमता वायरल हो गया है। इस खुलासे के बावजूद अबतक वह शातिर खूंखार पटना पुलिस कि पकड़ में नहीं आ सका है।

वर्दी में बहरूपिया और 'ये रिश्ता क्या कहलाता है?'
वही इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पटना पुलिस तुरंत एक्टिव मोड में आई और अपराधी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई। लेकिन इसी बीच कुछ ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं जो पुलिस की छवि को पूरी तरह तार-तार कर रहे हैं। पूरे इलाके में अब एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर इस अपराधी और खाकी वालों का 'ये रिश्ता क्या कहलाता है?'। दरअसल, जांच में जो कड़ियां जुड़ी हैं, उन्होंने पुलिस और अपराधियों के बीच के उस गठजोड़ (नेक्सस) को बेनकाब कर दिया है, जिसकी वजह से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

दबंग दारोगा बना 'खास किरायेदार'
इस मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब अपराधी के बैकग्राउंड की जांच की गई। क्या आप यकीन करेंगे कि जिस इलाके में यह अपराधी आतंक मचा रहा था, वहा इसका पड़ोसी किरायेदार कोई और नहीं बल्कि थाने का ही एक दबंग दारोगा है। जो उक्त एक फ्लोर के मकान में AC कि ठंडी हवा में बतौर किरायेदार उसी मोहल्ले में महतो जी के मकान में रहता है। यहाँ उल्लेखनीय है कि पूरे रुआब के साथ पुलिस की वर्दी पहने और काली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर सड़कों पर फर्राटे भरने वाले कुख्यात अपराधी गौरी कुमार के पिता का नाम राम वृक्ष महतो है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की वर्दी में घूमने वाला यह अपराधी असल में उस दारोगा समेत अन्य एक और 2 स्टार ख़ाकी वालों का विश्वस्त राजदार है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि ही मोहल्ले में चंद कदमो कि दुरी पर रहते हुए इन दोनों के बीच बेहद प्रगाढ़ और दोस्ताना रिश्ते हैं। जो वर्दी कभी जनता की सुरक्षा के लिए थी, उसका इस्तेमाल यह अपराधी अपने रसूख और खौफ को बढ़ाने के लिए कर रहा था, जिसे दारोगा का पूरा संरक्षण प्राप्त रहा है। सूत्रों का दावा है कि गौरी कि गिरफ्तारी के बाद लोकल थाने में तैनात कई वर्दी वाले न केवल बेनकाब हो जायेंगे बल्कि उनके थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले भट्टो से लेकर अवैध धंधेबाजो से भत्तो कि वसूली का पूरा नेटवर्क खुल जायेगा, इसलिए वो ख़ाकी वाले अफसर ही उसे बचाने कि कवायाद में जी जान से जुटे है।

गठजोड़ का सच और पुलिस के सामने चुनौती
वायरल हुई यह तस्वीर इस बात का पुख्ता सबूत है कि कानून के रखवाले ही किस तरह अपराधियों को पनाह दे रहे हैं। वही, विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि गर थाने के महज कुछ माह का ही CCTV का अवलोकन किया जाय तो गौरी कि धमक और पहुच का पल पल का सुबूत चीखने लगेगा।एक तरफ जहां असली पुलिस इस खूंखार अपराधी को पकड़ने के लिए खाक छान रही है, वहीं दूसरी तरफ वह पुलिसिया सिस्टम के ही एक हिस्से की नाक के नीचे बैठकर खाकी का मज़ाक उड़ा रहा है इस खुलासे के बाद अब देखना यह होगा कि पटना पुलिस प्रशासन अपने ही विभाग के उन ख़ाकी वालों पर क्या कार्रवाई करता है, और अपराधियों तथा पुलिस के इस खतरनाक नेक्सस को तोड़कर जनता के बीच अपना विश्वास वापस कैसे कायम करता है। प्रश्न बड़ा है मौन खड़ा है?