छात्रा को धक्का दिया या खुद कूदी? पटना पुलिस ने एम्स गोलंबर के पास दोहराया 'मौत का मंजर', एफएसएल की टीम भी मौजूद

फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के एम्स गोलंबर के पास एक बच्ची की छत से गिरकर हुई रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए सच का पता लगाएगी।

छात्रा को धक्का दिया या खुद कूदी? पटना पुलिस ने एम्स गोलंबर

Patna - पटना के फुलवारीशरीफ में एक बच्ची की छत से गिरकर हुई संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 12 फरवरी 2026 को एम्स गोलंबर के पास घटित इस हृदयविदारक घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए पटना पुलिस ने वैज्ञानिक पद्धति का सहारा लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) की निगरानी में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

अनुसंधान के क्रम में आज 17 फरवरी 2026 को विशेषज्ञों की उपस्थिति में घटनास्थल पर 'क्राइम सीन का पुनर्निर्माण' (Crime Scene Recreation) किया गया। इस प्रक्रिया के लिए मृतका के वजन के अनुपात में 4 विशेष डमी (पुतले) तैयार किए गए थे। इन पुतलों को विशेषज्ञों द्वारा अलग-अलग कोणों और स्थितियों से छत से नीचे गिराया गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरने के दौरान शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव की प्रकृति क्या थी।

नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) भानुप्रताप सिंह ने प्रेस को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई थी, जिसके बाद मौत के कारणों पर सवाल खड़े हो गए थे। पुलिस के सामने मुख्य चुनौती यह स्पष्ट करना है कि बच्ची को छत से धक्का दिया गया था, वह स्वयं वहां से कूदी थी या यह महज एक दुर्घटना थी। डमी ट्रायल के माध्यम से पुलिस सिंगल और मल्टीपल इम्पैक्ट के निशानों का मिलान वैज्ञानिक साक्ष्यों से करने की कोशिश कर रही है।

इस वैज्ञानिक प्रयोग का उद्देश्य घटना के समय रही परिस्थितियों का वस्तुनिष्ठ परीक्षण करना है। एफएसएल (FSL) और विशेषज्ञों की टीम अब इस पुनर्निर्माण से प्राप्त डेटा का विश्लेषण करेगी, जिससे पुलिस को यह समझने में मदद मिलेगी कि बच्ची के शरीर पर लगी चोटें किस तरह के गिरने के परिदृश्य से मेल खाती हैं। पुलिस का मानना है कि यह तकनीकी जांच मामले में किसी भी मानवीय त्रुटि की संभावना को कम कर देगी।

फिलहाल, पुलिस एफएसएल की विस्तृत रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय का इंतजार कर रही है। नगर पुलिस अधीक्षक ने आश्वस्त किया है कि रिपोर्ट प्राप्त होते ही इसे साझा किया जाएगा और मामले में अग्रतर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।

रिपोर्ट - अनिल कुमार