Patna Electricity News:पटना में बिजली की बढ़ती मांग से निपटने की तैयारी, 15 नए पावर सब स्टेशन से मिलेगी राहत
Patna Electricity News:बिहार की राजधानी पटना में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और लगातार बढ़ती आबादी का असर अब बिजली की मांग पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
Patna Electricity News:बिहार की राजधानी पटना में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और लगातार बढ़ती आबादी का असर अब बिजली की मांग पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले नौ वर्षों में राजधानी की अधिकतम बिजली मांग में करीब 69 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2017 में जहां बिजली की अधिकतम मांग 553 मेगावाट थी, वहीं 2026 में यह बढ़कर 933.6 मेगावाट तक पहुंच गई है। जिस रफ्तार से बिजली की खपत बढ़ रही है, उसे देखते हुए अगले साल राजधानी में अधिकतम लोड 1,000 मेगावाट के पार पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ताओं को निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए बिजली विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई यूनिट (पेसू) क्षेत्र में 15 नए विद्युत उपकेंद्र यानी पावर सब स्टेशन (PSS) का निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक नए उपकेंद्र की क्षमता 20 MVA होगी। इन उपकेंद्रों के चालू होने से मौजूदा बिजली नेटवर्क पर लोड का दबाव कम होगा और लो वोल्टेज तथा बार-बार बिजली ट्रिप होने जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
दानापुर, फुलवारी और खगौल में बनेंगे पांच नए पावर सब स्टेशन
पटना के दानापुर, फुलवारी शरीफ और खगौल इलाके में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण बिजली की खपत में लगातार इजाफा हो रहा है। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अपार्टमेंट, बहुमंजिला इमारतें और नई रिहायशी कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। बढ़ते विद्युत भार को संभालने के लिए इन तीनों इलाकों में पांच नए पावर सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं।इनमें दानापुर ब्लॉक ऑफिस, नोहसा, डीपीएस मोड़, उसरी और भगवतीपुर विद्युत उपकेंद्र शामिल हैं। इनके शुरू होने से आसपास के मौजूदा उपकेंद्रों और फीडरों पर बिजली का दबाव कम होगा। खासकर उन इलाकों के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जहां अधिक लोड के कारण लो वोल्टेज और बार-बार बिजली गुल होने की शिकायतें सामने आती हैं।
नवंबर में शुरू होंगे सात नए विद्युत उपकेंद्र
निर्माणाधीन 15 विद्युत उपकेंद्रों में से सात को नवंबर 2026 में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें शामिल हैं:
1. भूतनाथ रोड
2. दानापुर ब्लॉक ऑफिस
3. नोहसा
4. पहाड़ी न्यू
5. पटना घाट
6. एससीईआरटी कैंपस
7. डीपीएस मोड़
इनके चालू होने से आगामी ठंड के मौसम में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।वर्तमान में पेसू क्षेत्र में कुल 86 विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं। इनकी कुल क्षमता 2,405 MVA है। पेसू के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह के मुताबिक, विद्युत उपकेंद्र में 33 केवी बिजली को 11 केवी में परिवर्तित किया जाता है। इसके बाद बिजली वितरण ट्रांसफार्मर के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचती है।उन्होंने बताया कि नए विद्युत उपकेंद्र शुरू होने से मौजूदा फीडरों और उपकेंद्रों पर अत्यधिक लोड का दबाव कम होगा। जिन इलाकों में पहले दूर स्थित उपकेंद्रों से बिजली पहुंचाई जाती थी, वहां अब नजदीक में ही नए उपकेंद्र उपलब्ध होंगे।इससे बिजली के फीडर छोटे होंगे और तकनीकी खराबी की आशंका घटेगी। यदि किसी कारणवश बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो मरम्मत और बहाली में भी कम समय लगेगा।
नौ महीने में तैयार होता है विद्युत उपकेंद्र
विभागीय जानकारी के अनुसार, एक विद्युत उपकेंद्र के निर्माण में सामान्यतः करीब नौ महीने का समय लगता है। नए उपकेंद्रों के निर्माण से पटना की बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।कुल मिलाकर राजधानी में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए 15 नए पावर सब स्टेशन का निर्माण अहम कदम है। यदि निर्धारित समय पर ये उपकेंद्र चालू हो जाते हैं, तो पटना के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज, कम ट्रिपिंग और अधिक स्थिर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलने की उम्मीद है।