Patna News: राजीव नगर जमीन कब्जा मामले में कुख्यात बंटी गोप गिरफ्तार, फ़रार भू-माफियाओं पर कब कसेगा पुलिस का शिकंजा

पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में जमीन पर जबरन कब्जा और जान से मारने की धमकी दें वाले इलाके के कुख्यात और शहर के बेहद चर्चित हत्याकांड का आरोपी सिद्दार्थ शंकर उर्फ़ बंटी गोप को काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने धर दबोचा लेकिन इसके अन्य सहयोगी अब भी फरार

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पटना निराला कॉपरेटिव जमीन विवाद में SIT ने शातिर बंटी गोप भेजा जेल- फोटो : news 4 nation

राजधानी पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र से भूमि विवाद और आपराधिक तत्वों द्वारा जबरन कब्जा करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। निराला गृह निर्माण समिति के सचिव कुमार अनिल सिंह ने राजीव नगर थाने में एक लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि कुछ भू-माफिया उनकी कॉर्पोरेटिव की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस दर्ज मामले पुलिस ने इलाके के कुख्यात और शहर के बेहद चर्चित हत्याकांड का आरोपी सिद्दार्थ शंकर उर्फ़ बंटी गोप को काफी मशक्कत के बाद धर दबोचा और सुसंगत धाराओं में कोर्ट में उपस्थित किया जहाँ से इस शातिर अपराधी को जुडिशल कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।


खाता और खेसरा संख्या से जुड़ी संपत्ति का विवरण

शिकायतकर्ता के अनुसार, यह विवादित भूमि निराला कॉपरेटिव के भूखंड खाता संख्या-1413 एवं खेसरा संख्या-2526 (रकबा 18 कट्ठा) है, जो पाटिलपुत्र स्टेशन के निकट राजीव नगर थाना क्षेत्र में स्थित है। इस जमीन पर कई वर्षों से निराला कॉपरेटिव का शांतिपूर्ण कब्जा चला आ रहा है। इसके चारों ओर उत्तर-अग्नि पांडेय, दक्षिण में जालीम सिंह, पूर्व में रोहन राय और पश्चिम में नहर स्थित है।


फर्जी केवाला और जाली दस्तावेजों तैयार करने का गंभीर आरोप

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ईशा सिंह (पिता- स्व. ओम प्रकाश सिंह) और आलोक सिंह (पिता- दहाउट सिंह) नामक व्यक्तियों ने मिलकर एक फर्जी और जाली केवाला तैयार किया है। इसके जरिए वे अपने पूर्वजों को गंगाजली देवी और चन्द्रकल्याणी देवी का वंशज बताकर इस बहुमूल्य भूमि पर अवैध अधिकार जता रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई है।


कुख्यात अपराधियों और हथियारबंद लोगों द्वारा आतंक का माहौल

शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि इस अवैध कब्जे की साजिश में कुख्यात सजायाफ्ता अपराधी बंटी गोप उर्फ सिद्धार्थ शंकर निवासी-राजीव नगर, अमित सिंह निवासी- मोतिहारी शामिल हैं। ये लोग हरवे-हथियार से लैस होकर 10 से 20 की संख्या में आते हैं और स्थानीय इलाके में दहशत फैलाते हैं, जिससे आसपास के लोगों में भारी खौफ का माहौल बना हुआ है।


सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल

पीड़ित पक्ष का कहना है कि भू-माफियाओं द्वारा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में फर्जी कागजात प्रस्तुत कर अवैध रूप से नए जमाबंदी कायम करने और दाखिल-खारिज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि रजिस्टर-2 में इनके पूर्वजों का कोई नाम दर्ज नहीं है। इसके बावजूद इस तरह के कृत्य से प्रशासनिक कार्यप्रणाली और मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।


पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजीव नगर थाने में पुलिस अधिकारियों द्वारा प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध कब्जे की साजिश में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि इलाके में शांति व्यवस्था बनी रहे और आम नागरिकों को न्याय मिल सके।