पटना जू कीजिये 'वंदे भारत' ट्रेन में सफर, 3.77 किलोमीटर लंबा नया ट्रैक तैयार, 40 मिनट की सैर में दिखेगा खास नजारा

नई टॉय ट्रेन को आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी है। इसमें एक इंजन के साथ चार कोच होंगे और प्रत्येक कोच में करीब 20 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। इस तरह एक फेरे में लगभग 80 पर्यटक सफर कर सकेंगे।

Patna Zoo
Patna Zoo- फोटो : news4nation

Patna Zoo :  पटना जू में पर्यटकों को टॉय ट्रेन की सवारी का आनंद फिर से मिलने जा रहा है। यह ट्रेन जल्द ही शुरू होने जा रही है। इस बार टॉय ट्रेन नए कलेवर और आधुनिक सुविधाओं से लैस दिखेगी। करीब 9.88 करोड़ रुपये की लागत से 3.77 किलोमीटर लंबा नया ट्रैक तैयार किया जा रहा है। बैटरी से संचालित चार कोच वाली इस ट्रेन में एक बार में लगभग 80 पर्यटक सफर कर सकेंगे। करीब 40 मिनट की सैर के दौरान पर्यटक जू की हरियाली, जंगल ट्रेल और तालाब के खूबसूरत नजारों का आनंद उठा पाएंगे। परियोजना को जनवरी 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


जू निदेशक हेमंत पाटिल ने बताया कि दानापुर रेल मंडल और चिड़ियाघर प्रशासन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत परियोजना पर काम किया जा रहा है। तकनीकी समस्याओं को दूर करने के बाद ट्रैक से जुड़े कार्य तेज कर दिए गए है। पुराने ट्रैक को हटाकर नए सिरे से पटरी बिछाई जा रही है। इंजन और कोच से संबंधित कार्य भी अलग-अलग स्तर पर चल रहे है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण किए जाएंगे। इसके बाद ही नियमित परिचालन शुरू करने की दिशा में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


वंदे भारत की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी ट्रेन

नई टॉय ट्रेन को आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी है। इसमें एक इंजन के साथ चार कोच होंगे और प्रत्येक कोच में करीब 20 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। इस तरह एक फेरे में लगभग 80 पर्यटक सफर कर सकेंगे। ट्रेन बैटरी से संचालित होगी, जिससे इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए एक कोच वातानुकूलित (एसी) रखने की व्यवस्था प्रस्तावित है। बैटरी की क्षमता और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी कोच को एसी नहीं बनाया जाएगा।


तालाब और जंगल ट्रेल के बीच 40 मिनट की रोमांचक सैर

टॉय ट्रेन का नया रूट पर्यटकों के लिए पहले से अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए पुराने मार्ग में बदलाव करते हुए जंगल ट्रेल वाले हिस्से को थोड़ा छोटा किया जा रहा है, ताकि सफर के दौरान तालाब का नजारा भी देखने को मिले। प्रस्तावित मार्ग में जू के प्रमुख आकर्षणों के आसपास से गुजरने की योजना है। इससे बच्चों और परिवारों को वन्यजीवों तथा प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, अंतिम रूट और स्टॉपेज की जानकारी परिचालन शुरू होने के समय स्पष्ट होगी।


बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी होगी सुविधाजनक

टॉय ट्रेन शुरू होने से उन पर्यटकों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें पूरे चिड़ियाघर में पैदल घूमने में परेशानी होती है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे और परिवार ट्रेन में बैठकर उद्यान के विभिन्न हिस्सों का नजारा देख सकेंगे। इससे जू भ्रमण अधिक सुविधाजनक और मनोरंजक बनने की उम्मीद है। योजना के मुताबिक, चिड़ियाघर खुलने के बाद सुबह करीब नौ बजे से ट्रेन का परिचालन शुरू किया जा सकता है। हालांकि, टिकट की कीमत, नियमित समय-सारणी और स्टेशनों की संख्या अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं की गई है।


2015 में बंद हुआ था पुरानी टॉय ट्रेन का परिचालन

 गौरतलब है कि पटना जू में पुरानी टॉय ट्रेन का परिचालन 17 अगस्त 2015 को बंद कर दिया गया था। उस समय ट्रैक और कोच से संबंधित सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई थी। अब नए ट्रैक और आधुनिक व्यवस्था के साथ टॉय ट्रेन को दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।