पालीगंज में 'PM सूर्य घर योजना' का आगाज़: BPL परिवारों को मिलेगा मुफ्त सोलर सिस्टम,SDM ने किया प्रचार रथ रवाना

पालीगंज में 'PM सूर्य घर योजना' का SDM चंदन कुमार और SDPO पंकज कुमार शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को किया रवाना। BPL और कुटीर ज्योति परिवारों को मिलेगा मुफ्त सोलर सिस्टम। योजना की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।

PM Surya Ghar Yojana Paliganj
पालीगंज अनुमंडल से SDM और SDPO ने 'PM सूर्य घर योजना' के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया- फोटो : Reporter

बिहार सरकार और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से 'PM सूर्य घर योजना' को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इसी कड़ी में गुरुवार को अनुमंडल कार्यालय पालीगंज से एक जागरूकता प्रचार रथ को रवाना किया गया। इस प्रचार रथ को पालीगंज के एसडीएम चंदन कुमार और एसडीपीओ पंकज कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


गरीब और BPL परिवारों के लिए मुफ्त सोलर सुविधा 

इस योजना के तहत समाज के जरूरतमंद वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार BPL (गरीबी रेखा से नीचे) और कुटीर ज्योति श्रेणी के परिवारों के घरों पर मुफ्त सोलर सिस्टम लगाया जा रहा है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों पर बिजली बिल के वित्तीय बोझ को कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

गांव-गांव तक पहुंचेगी योजना की जानकारी

 यह प्रचार रथ पालीगंज अनुमंडल की विभिन्न पंचायतों और दूर-दराज के गांवों का दौरा करेगा। रथ के माध्यम से ग्रामीणों को योजना की मुख्य विशेषताओं, पात्रता और इससे होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर

 योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। प्रचार रथ के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि वे इस योजना के लिए किस प्रकार आवेदन कर सकते हैं और कौन-कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। इससे स्थानीय निवासी बिना किसी कठिनाई के पंजीकरण करा सकेंगे।


जनकल्याण और शत-प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य 

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुमंडल का कोई भी पात्र परिवार इस जनकल्याणकारी योजना से वंचित न रहे। बिजली बिल से स्थायी राहत देने के साथ-साथ यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।

बिक्रम ऋषिकेश की रिपोर्ट