Bankipur Bypoll : बांकीपुर में बीजेपी की हार की 5 वजहें, प्रशांत किशोर ने रविशंकर के आधे बयान पर पूरा खेल कर दिया....

Bankipur Bypoll : बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी को कड़ी शिकस्त दे दी है. हालाँकि वो 5 वजहें रही जिससे बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा.....जानिए

Bankipur Bypoll : बांकीपुर में बीजेपी की हार की 5 वजहें, प्र
बीजेपी क्यों हारी ?- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बांकीपुर में प्रशांत किशोर की सुनामी रही। जाति टूट गई। सबने झोली भरकर-भरकर वोट किया। वोटिंग के दिन ये लग गया था कि प्रशांत किशोर ने अपर कास्ट से लेकर यादव-मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी की है। लेकिन सेंधमारी इतनी बड़ी होगी। ये लगा नहीं था। हालाँकि वोटिंग के अगले दिन मोहल्ला वाइज लोगों से बातचीत करने पर क्लीयर हो गया था कि प्रशांत किशोर सिर्फ जीतेंगे ही नहीं, बल्कि सुनामी है । 9 महीने पहले बिहार में एनडीए को 243 में 202 सीट मिली थी और आज बीजेपी अपने सबसे मजबूत सीट पर ही चुनाव हार गई।  

बीजेपी की इस हार की 5 वजह ये है. 

1-बीजेपी का अहंकार

बीजेपी के साथ-साथ उनके कार्यकर्ताओं को लगता था कि बांकीपुर सीट पर कौन हरा सकता है । एक तो शहरी सीट, दूसरी ओर जाति समीकरण भी बीजेपी के लिए सबसे मुफीद है । कायस्थ, ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत, वैश्य, कुर्मी तो एकमुश्त गिरता है और गिरेगा । 

2-कुत्ता-बिल्ली को उतार देंगे तो भी जीत जाएंगे

प्रशांत किशोर ने पटना साहिब के बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद के बयान को गजब भूनाया। ये लाइन उनका पंच लाइन रहा । प्रचार के दौरान सबसे ज्यादा किसी लाइन को प्रशांत किशोर ने रिपीट किया तो यही लाइन रहा । हर मतदाता को याद करा दिया गया कि बीजेपी ने वालों कहा है कि कुत्ता-बिल्ली को उतार देंगे तब भी जीत जाएंगे । हांलाकि रविशंकर प्रसाद का पूरा बयान ये था नहीं । उन्होंने कहा था कि- एक उद्यमी ने कहा था कि भाजपा कहती है कि किसी को भी खड़ा करेंगे तो जीता लेंगे । ये बिलकुल गलत है, बेबुनियाद है । भारतीय जनता पार्टी अपने एक-एक कार्यकर्ता का सम्मान करती है । रविशंकर ने पूरा क्या कहा सुनता कौन है । उनके आधे बयान पर प्रशांत किशोर ने खेल कर दया। 

3-कैंडिडेट सलेक्शन गलत

बीजेपी ने अभिषेक कुमार को पहले उतारा । फिर नाम वापसी करवाकर नीरज सिन्हा को उतारा गया। नीरज सिन्हा का हावभाव और बयान देने का तौर तरीका बिलकुल बचकाना लग रहा था । जबकि सामने प्रशांत किशोर जैसे पढ़ने लिखे, एकदम साफ छवि, आंकड़ों के जानकारी आदमी लड़ रहे थे । 

4- जेंजी आंदोलन का असर

दिल्ली के बाद छात्रों का आंदोलन पटना में भी हुआ । जिसमें छात्रों की जमकर पिटाई की गई थी । आंदोलन के एक हफ्ते बाद बांकीपुर में चुनाव हुआ । ऐसे में इसका पॉजिटिव तो नहीं नेगेटिव ही असर बीजेपी को पड़ा है । 

5- नीतीश होते CM, तो क्या होता...

नीतीश कुमार जिस तरह से अचानक CM पद छोड़ देते हैं । उससे भी क्या लोग खुश नहीं थे । क्या कई लोगों को यही लग रहा कि बीजेपी ने जबरन नीतीश कुमार को गद्दी से हटाया । वोट देने की बारी आई तो गुस्से में मतदाओं ने बीजेपी के खिलाफ वोट कर दिया । सम्राट चौधरी के CM बनने के बाद भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ । सिवान में छात्रों पर AK-47 से गोली चलाई गई । इसका भी निगेटिव इम्पैक्ट पड़ा है।