Railway News : ऑनलाइन टिकट का बढ़ा क्रेज ! पटना जंक्शन पर 15 काउंटर हुए बंद, अब कम बुकिंग वाले काउंटरों पर ताला लगाने की तैयारी, 5 मंडलों में शुरू होगा सर्वे

Railway News : ऑनलाइन टिकट बुकिंग का असर अब रिजर्वेशन काउंटर पर देखने को मिल रहा है. रेलवे ने कई काउंटर को बंद करने की तैयारी कर ली है.......पढ़िए आगे

Railway News : ऑनलाइन टिकट का बढ़ा क्रेज ! पटना जंक्शन पर 15
बंद होंगे रिजर्वेशन काउन्टर !- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : भारतीय रेलवे अब उन रिजर्वेशन काउंटरों को बंद करने की तैयारी में है जहाँ यात्रियों की आवाजाही बेहद कम हो गई है। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर, सोनपुर, समस्तीपुर, धनबाद और डीडीयू रेलमंडल में जल्द ही रिजर्वेशन काउंटरों का व्यापक सर्वे शुरू किया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से उन काउंटरों को चिह्नित किया जाएगा, जहाँ से प्रतिदिन होने वाली टिकटों की बुकिंग 100 से कम रह गई है।

रेलवे प्रशासन इस सर्वे के दौरान पिछले 10 से 15 दिनों के बुकिंग रिकॉर्ड का बारीकी से विश्लेषण करेगा। दानापुर मंडल के सीनियर डीसीएम अभिनव सिद्धार्थ ने स्पष्ट किया कि यह एक वार्षिक समीक्षा प्रक्रिया है, जिसके आधार पर भविष्य के फैसले लिए जाते हैं। जिन काउंटरों को बंद करने का निर्णय लिया जाएगा, वहाँ कार्यरत रेल कर्मियों को हटाकर अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों या विभागों में शिफ्ट किया जाएगा ताकि मानव संसाधन का सही उपयोग हो सके।

काउंटर बंद करने के पीछे मुख्य कारण यात्रियों का ऑनलाइन बुकिंग की ओर बढ़ता रुझान है। वर्तमान में आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के बढ़ते उपयोग के कारण लगभग 85 से 95 प्रतिशत यात्री डिजिटल माध्यम से ही अपनी यात्रा सुरक्षित कर रहे हैं। अब केवल 10 से 15 प्रतिशत लोग ही टिकट लेने के लिए रेलवे स्टेशन के काउंटरों तक पहुँच रहे हैं, जिससे काउंटरों का संचालन रेलवे के लिए आर्थिक रूप से कम प्रभावी साबित हो रहा है।

पटना जंक्शन पर इस बदलाव का सबसे बड़ा असर देखने को मिला है, जहाँ पिछले 10 वर्षों के भीतर 15 रिजर्वेशन काउंटर बंद किए जा चुके हैं। यहाँ के लगभग 97 प्रतिशत यात्री अब ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं, जिससे प्रतिदिन करीब 40,000 टिकट डिजिटल माध्यम से कट रहे हैं। जंक्शन के मुख्य हॉल में बचे हुए 10 काउंटरों पर भी सामान्य दिनों में सन्नाटा पसरा रहता है और यात्रियों की कतारें केवल 'तत्काल' टिकट बुकिंग के समय ही नजर आती हैं।

अंततः, रेलवे का यह कदम बदलती तकनीक और यात्री व्यवहार के अनुकूल खुद को ढालने की कोशिश है। डिजिटल इंडिया के प्रभाव और मोबाइल के जरिए घर बैठे टिकट मिलने की सुविधा ने लंबी लाइनों को छोटा कर दिया है। आने वाले समय में रेलवे स्टेशनों पर फिजिकल काउंटरों की संख्या और भी सीमित हो सकती है, जिससे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूती दी जा सकेगी।

वंदना की रिपोर्ट