भ्रष्टाचार पर राजस्व विभाग का फिर बड़ा प्रहार, आठ और अंचल अधिकारियों पर गिरी गाज
Bihar News : राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का असर दिखने लगा है। महज एक सप्ताह के भीतर कुल 23 अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। विभाग ने एकबार फिर 8 अंचलाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है....
Patna : बिहार में भ्रष्टाचार, अनियमितता और भू-माफियाओं के साथ सांठगांठ करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नीतीश सरकार का डंडा लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ अंचल अधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध कड़े दंडात्मक कदम उठाए हैं। विभागीय संचिका पर माननीय राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा हरी झंडी दिए जाने के बाद विभिन्न मामलों में इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, आरोप पत्र (चार्जशीट) गठन, वेतन वृद्धि पर रोक तथा विशेष उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
मंत्री बोले- दाखिल-खारिज और परिमार्जन में गड़बड़ी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
विभाग में जारी इस बड़ी कार्रवाई को लेकर माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी जमीन की सुरक्षा, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), परिमार्जन और राजस्व प्रशासन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, रिश्वतखोरी या बिचौलियों की दखलअंदाजी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ यह दंडात्मक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
मोतीपुर की तत्कालीन सीओ रूचि कुमारी और निगरानी के हत्थे चढ़े विजय सिंह पर कसा शिकंजा कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर की तत्कालीन सीओ श्रीमती रूचि कुमारी पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की कीमती सरकारी भूमि को एक निजी व्यक्ति के पक्ष में दाखिल-खारिज करने का सनसनीखेज आरोप है, जिसकी जांच के लिए दो सदस्यीय मुख्यालय स्तरीय टीम बनाई गई है। वहीं, गोपालगंज के बरौली के तत्कालीन राजस्व अधिकारी श्री विजय कुमार सिंह, जिन्हें जनवरी 2026 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा था, उनके खिलाफ भी औपचारिक आरोप पत्र गठित कर दिया गया है। वे वर्तमान में सस्पेंड चल रहे हैं।
बाढ़ राहत राशि में घोटाला और सेवानिवृत्त अधिकारी पर भी विभागीय गाज
विभाग ने सेवानिवृत्त हो चुकीं रोहतास के डिहरी की तत्कालीन सीओ सीमा रानी पर सरकारी जमीन के बंदरबांट को गंभीरता से न लेने के आरोप में कार्रवाई शुरू की है। इसके अतिरिक्त, सुपौल के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री चंदन कुमार पर बाढ़ राहत मद की राशि में 11.47 लाख रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता के आरोप में चार्जशीट दाखिल की गई है। औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है, जबकि पश्चिम चंपारण (बगहा-1 व रामनगर) और पूर्वी चंपारण (रामगढ़वा) के अंचल अधिकारियों उदय शंकर मिश्रा, राजा कुमार और विनोद कुमार मिश्रा पर गैरमजरूआ भूमि का खाता बदलकर गलत म्यूटेशन करने तथा बिचौलियों के माध्यम से रिश्वतखोरी के आरोपों में आरोप पत्र गठित किए गए हैं।
महज सात दिनों में 23 अधिकारियों पर एक्शन से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप
बिहार के प्रशासनिक गलियारे में इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। गौरतलब है कि माननीय मंत्री डॉ. जायसवाल ने इससे ठीक पहले 27 मई को 14 अंचल अधिकारियों पर गाज गिराई थी, जिसके बाद 1 जून को सासाराम सदर अंचल के सीओ पर भी विभागीय डंडा चला था। मंगलवार को हुई इस ताजा कार्रवाई को मिलाकर पिछले महज एक सप्ताह के भीतर कुल 23 राजस्व अधिकारियों के खिलाफ बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। जानकारों का मानना है कि इस अभूतपूर्व कड़े कदम से राजस्व प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी, बिचौलियों पर लगाम कसेगी और आम नागरिकों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।
वंदना की रिपोर्ट