सम्राट चौधरी सरकार का यह फैसला बदल देगा बिहार की किस्मत! सभी जिलों के DM को जारी हुआ आदेश

बिहार को विकास के सर्वोच्च मापदंड पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना सबसे प्रमुख एजेंडों में रखा है. अब इसे लेकर राज्य के सभी डीएम को बड़ा निर्देश दिय गया है जिससे बिहार में उद्योग लगने की संभावना बढ़ेगी

Samrat Choudhary Governmen
Samrat Choudhary Governmen- फोटो : news4nation

Bihar Industrial Development: बिहार के विकास के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार राज्य में औद्योगिक विकास को प्रमुखता से आगे बढ़ा रही है। सरकार का लक्ष्य बिहार में निवेश को बढ़ावा देना, नए उद्योग स्थापित करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसी दिशा में सरकार ने औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने का आदेश जारी किया है। हाल ही में उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने और जमीन देने वाले लोगों को समय पर मुआवजा देने का निर्देश दिया।


बिहार में औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने और प्रस्तावित व निर्माणाधीन औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न जिलों में जमीन अधिग्रहण की स्थिति, निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और उद्योगों की स्थापना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए, ताकि निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।


सभी जिलों के DM को निर्देश 

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने को कहा। उन्होंने जमीन देने वाले लोगों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। सरकार की कोशिश है कि जमीन की उपलब्धता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण औद्योगिक परियोजनाएं अटकी न रहें। इसके लिए संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करने का निर्देश दिया गया।


निवेशकों के लिए बेहतर माहौल  

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और निवेशकों के अनुकूल माहौल तैयार करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योगों की स्थापना और विस्तार से जुड़ी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।


मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने, परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और काम में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में औद्योगिकीकरण से रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


उद्योग विभाग ने पेश किया एक्शन प्लान

समीक्षा बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने राज्य की औद्योगिक नीति, विभागीय कार्ययोजनाओं, जिलावार जमीन अधिग्रहण की स्थिति और निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह भी मौजूद रहीं।


राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक परियोजनाओं को गति देना, निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारना और बिहार में रोजगार सृजन की संभावनाओं को मजबूत करना है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने और प्रशासनिक समन्वय बेहतर होने से राज्य में प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को गति मिलने की उम्मीद है।