मोकामा में होगा गाँधीवादी विरोध ! विकास कार्यों में उदासीनता के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता का मौन सत्याग्रह का ऐलान

चंदन कुमार का कहना है कि जिलाधिकारी, पटना और अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ द्वारा कईआदेश पारित किए जाने के बावजूद मोकामा में पिछले 6–7 वर्षों में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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Mokama - फोटो : news4nation

Bihar News : विकास कार्यों में कथित उदासीनता और वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता चंदन कुमार ने मोकामा अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय मौन सत्याग्रह करने की घोषणा की है। यह धरना 23 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे से संध्या 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में स्थानीय पुलिस और प्रशासन को लिखित सूचना दे दी गई है।


सामाजिक कार्यकर्ता का आरोप है कि एक ओर राज्य सरकार द्वारा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मोकामा में वरीय अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि पटना समाहरणालय के निर्देश के अनुसार मोकामा नगर परिषद के वार्ड संख्या 13, 14 और 15 में सरकारी जमीन की नापी कर अतिक्रमण हटाया जाना था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई।


इसी तरह, वार्ड संख्या 18 स्थित श्रीकृष्ण गोशाला परिसर की नापी को लेकर भी समाहरणालय पटना और बाढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देश कथित तौर पर ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि इन आदेशों के लागू न होने के कारण सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं, जिससे आम लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


चंदन कुमार ने बताया कि वे वर्ष 2020-21 से इन मुद्दों को लेकर पीड़ित हैं। जिलाधिकारी, पटना और अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ द्वारा संबंधित मामलों में लिखित आदेश पारित किए जाने के बावजूद, अंचल कार्यालय स्तर पर पिछले 6–7 वर्षों में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि दर्जनों आवेदन और मौखिक अनुरोधों के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो अंतिम विकल्प के रूप में मौन सत्याग्रह का निर्णय लेना पड़ा।


उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक दिवसीय मौन सत्याग्रह वे अकेले करेंगे और किसी अन्य व्यक्ति की उपस्थिति नहीं होगी। किसी भी अवांछित तत्व द्वारा सत्याग्रह को बाधित करने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने प्रशासन से शांतिपूर्ण सत्याग्रह के लिए आवश्यक सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।