बिहार में 15 दिन तक नहीं मिलेगा सोबिस्को का बिस्कुट, राज्य सरकार ने इस वजह से किया बैन, पूरे राज्य से स्टॉक जब्त करने का आदेश

सोबिस्को के 'हम-तुम क्रैकर्स' बिस्कुट में मानकों से अधिक सल्फाइट पाए जाने पर बिहार सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। 15 दिनों के लिए बिक्री प्रतिबंधित, बाजार से माल वापस मंगाने के निर्देश।

बिहार में 15 दिन तक नहीं मिलेगा सोबिस्को का बिस्कुट, राज्य स

Patna - बिहार में नामी गिरामी बिस्कुट ब्रांड 'सोबिस्को' (SOBISCO) के जरिए जनता, खासकर मासूम बच्चों की सेहत के साथ किए जा रहे बड़े खिलवाड़ का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य संरक्षा आयुक्त लोकेश कुमार सिंह ने 'हम-तुम क्रैकर्स' (HUM TUM Krackers) बिस्कुट को जनस्वास्थ्य के लिए 'असुरक्षित' घोषित करते हुए इसके सभी बैचों के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से 15 दिनों का कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। लैब जांच में इस बिस्कुट के भीतर खतरनाक 'सल्फाइट' की मात्रा तय मानकों से कहीं अधिक पाई गई है, जो सीधे तौर पर इंसानी शरीर के लिए घातक है। 

लैब टेस्ट में खुली पोल: मानकों की उड़ाई जा रही थी धज्जियां 

इस कार्रवाई की गाज तब गिरी जब जम्मू-कश्मीर सरकार की शिकायत के बाद बिहार के सासाराम, पूर्णिया, हाजीपुर, खगड़िया, पटना और भागलपुर जैसे प्रमुख शहरों से नमूने इकट्ठा किए गए। राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला (NABL) की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि मेसर्स सोना बिस्किट्स लिमिटेड (M/s Sona Biscuits Limited) द्वारा निर्मित इन बिस्कुटों में सल्फाइट (SO2) की मौजूदगी FSSAI के निर्धारित मानकों से बहुत ज्यादा है। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने साफ कर दिया है कि यह उत्पाद स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। 

बाजार से स्टॉक गायब करने का आदेश, कंपनियों पर लटकी तलवार 

सरकार ने केवल प्रतिबंध ही नहीं लगाया है, बल्कि विनिर्माण संस्थान 'सोना बिस्किट्स लिमिटेड' और सभी थोक व खुदरा विक्रेताओं को अंतिम चेतावनी जारी की है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बाजार में मौजूद बिस्कुट के सभी बैचों को यथाशीघ्र वापस (रिकाॅल) लिया जाए। यदि प्रतिबंध की अवधि के दौरान कोई भी दुकानदार इस बिस्कुट का प्रदर्शन या बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही और अभियोजन दर्ज किया जाएगा। 

प्रशासन सख्त: चप्पे-चप्पे पर होगी निगरानी 

खाद्य संरक्षा आयुक्त ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और अभिहित अधिकारियों को इस आदेश को युद्धस्तर पर लागू करने का निर्देश दिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जनस्वास्थ्य के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूचना एवं जन-संपर्क विभाग को भी आदेश दिया गया है कि वे प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए आम जनता को आगाह करें ताकि कोई भी परिवार अनजाने में इस 'जहर' को अपने घर न ले आए। 

15 दिनों का 'ब्लैकआउट', आगे की कार्रवाई की तैयारी 

फिलहाल अगले 15 दिनों तक बिहार के किसी भी कोने में सोबिस्को के इस खास बिस्कुट की विनिर्माण, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण रोक रहेगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि रिकाॅल प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित विनिर्माण इकाइयों के लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है। यह कदम उन मुनाफाखोरों के लिए एक कड़ा संदेश है जो मानकों को ताक पर रखकर लोगों की जान जोखिम में डालते हैं।