Bihar storm rain: आंधी-बारिश और वज्रपात से 7 मासूमों समेत 26 की मौत, कई जिलों में भीषण तबाही, बिहार पर टूटा काल वैशाखी का कहर, मुआवजे का ऐलान

Bihar storm rain:आंधी, बारिश और आसमानी बिजली ने मिलकर ऐसी तबाही मचाई कि हर तरफ मातम का मंजर नज़र आया।

Storms and lightning kill 26 widespread damage in Bihar
आंधी-बारिश और वज्रपात से कई ज़िंदगियां तबाह- फोटो : social Media

Bihar storm rain:बिहार में सोमवार का दिन क़हर बनकर टूटा, जब आंधी, बारिश और आसमानी बिजली ने मिलकर ऐसी तबाही मचाई कि हर तरफ मातम का मंज़र नजर आया। तेज़ तूफानी हवाओं और वज्रपात के इस खौफनाक सिलसिले में 7 मासूम बच्चों समेत 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग ज़ख्मी और बेघर हो गए। गया, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, औरंगाबाद, खगड़िया, बाढ़ और अन्य इलाकों में मौत का ये सिलसिला सबसे ज़्यादा दिखा। गया ज़िले में ही 6 लोगों की जान चली गई, जहां शेरघाटी में आम चुनने गए तीन मासूम बच्चों पर अचानक बिजली गिर पड़ी और पलभर में खुशियां मातम में बदल गईं। गुरारू, गुरुआ और वजीरगंज के किसानों पर भी ठनका कहर बनकर टूटा। सीएम सम्राट ने मृतकों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है।

औरंगाबाद में दो बच्चों समेत चार लोगों की जान गई, जबकि पूर्वी चंपारण में दो बच्चियों सहित तीन लोगों की मौत ने पूरे इलाके को ग़मगीन कर दिया। खगड़िया में 70 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई, वहीं उनकी पत्नी और बहू झुलस गईं हर घर में बस चीख-पुकार और आंसुओं का समंदर है।

तेज़ आंधी ने पेड़ों को उखाड़ फेंका, कच्चे घरों को मलबे में तब्दील कर दिया और बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया। गोपालगंज में हालात सबसे बदतर रहे, जहां 70 बिजली पोल गिर गए और 12 ट्रांसफॉर्मर तबाह हो गए। सड़कों पर पेड़ गिरने से समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा और सीतामढ़ी में यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

पटना, गोपालगंज और औरंगाबाद में मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शाम चार बजे ही काले बादलों ने ऐसा अंधेरा किया कि दिन में ही रात का एहसास होने लगा।

मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटे को बेहद नाज़ुक बताते हुए 18 जिलों में ऑरेंज और 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। गरज-तड़क के साथ भारी बारिश और वज्रपात का ख़तरा अभी टला नहीं है।

यह तबाही सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि उन टूटे हुए सपनों की कहानी है, जिनका कोई हिसाब नहीं,हर गांव, हर शहर में दर्द की दास्तां बिखरी पड़ी है।