TRE 4 नोटिफिकेशन की मांग को लेकर पटना में छात्रों का भारी हंगामा, पुलिस ने प्रदर्शन रोका, कई अभ्यर्थी गिरफ्तार

Bihar News : टीआरई 4 (TRE 4) नोटिफिकेशन जारी करने और छात्र नेता दिलीप कुमार की रिहाई की मांग को लेकर आज राजधानी पटना की सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला।आंदोलन को विफल करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया...

TRE 4 नोटिफिकेशन की मांग को लेकर पटना में छात्रों का भारी हं
पटना में छात्रों का भारी हंगामा- फोटो : वंदना शर्मा

Patna : बिहार में टीआरई 4 (TRE 4) नोटिफिकेशन जारी करने और छात्र नेता दिलीप कुमार की रिहाई की मांग को लेकर आज राजधानी पटना की सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी अपनी मांगों के समर्थन में पटना विश्वविद्यालय से एक विशाल विरोध मार्च निकालने वाले थे। हालांकि, कानून-व्यवस्था की स्थिति को भांपते हुए जिला प्रशासन ने मार्च शुरू होने से पहले ही पूरे विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास के इलाकों को भारी पुलिस बल की तैनाती कर छावनी में तब्दील कर दिया।


मार्च निकालने से पहले ही छात्र डिटेन

आंदोलन को विफल करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया। जैसे ही अभ्यर्थी पटना विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन और मार्च के लिए एकत्रित होने लगे, पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और उत्तेजित छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे और उसमें शामिल होने पहुंचे कई अभ्यर्थियों को मौके पर ही हिरासत (डिटेन) में ले लिया, जिससे परिसर में काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।


बिहटा से छात्र नेता खुशबू भी गिरफ्तार

इस छात्र आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस की कार्रवाई केवल पटना विश्वविद्यालय तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि अन्य इलाकों में भी धरपकड़ की गई। इसी क्रम में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए छात्र नेता खुशबू को बिहटा से गिरफ्तार कर लिया। प्रशासन को इनपुट मिले थे कि विभिन्न क्षेत्रों से छात्र इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए पटना पहुंच रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जो भी छात्र इस न्यायसंगत प्रदर्शन में शामिल होने के लिए घर से निकल रहे हैं, उन्हें पुलिस द्वारा रास्ते में ही लगातार हिरासत में लिया जा रहा है।


प्रदर्शन की अनुमति नहीं: एसडीपीओ

मामले की जानकारी देते हुए संबंधित एसडीपीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों द्वारा किए जा रहे इस प्रदर्शन या मार्च के लिए प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की आधिकारिक अनुमति (परमिशन) नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व अनुमति के सड़क पर मार्च निकालने से शहर की यातायात और लॉ एंड ऑर्डर (कानून-व्यवस्था) की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। यही कारण है कि सुरक्षा के मद्देनजर एहतियातन कदम उठाते हुए छात्रों को आगे बढ़ने से रोका गया और कानून का उल्लंघन करने वाले कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।


अभ्यर्थियों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

पुलिस की इस दमनकारी कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद टीआरई 4 के अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों में बिहार सरकार व प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। छात्रों का कहना है कि अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन पुलिस बल के दम पर उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। गिरफ्तार छात्र नेताओं की अविलंब रिहाई और विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, उनका यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।


वंदना की रिपोर्ट