तेज प्रताप यादव की बढ़ी भाजपा से नजदीकियां, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से लिया पर्सनल नंबर, मकर संक्रांति पर दिखेगी ताकत !

यह चर्चा फिर से तेज हो गई है कि तेज प्रताप यादव अब खुद को भाजपा के करीब लाने की तैयारी में हैं. इसमें वे उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा से नजदीकी बढ़ाते दिख रहे हैं.

Tej Pratap Yadav-Vijay Sinha
Tej Pratap Yadav-Vijay Sinha- फोटो : news4nation

Tej Pratap Yadav :  लालू यादव द्वारा पार्टी और परिवार से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव अब अपने राजनीतिक कुनबे को मजबूत करने में जुटे हैं. इसी क्रम में बुधवार को वे बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा से मिले. इस दौरान दोनों के बीच सौहार्द पूर्ण वातावरण में मुलाकात. वहीं तेज प्रताप यादव ने सिन्हा को मकर संक्रांति भोज के लिए न्योता दिया. इतना ही नहीं तेज प्रताप यादव ने विजय सिन्हा ने उनका निजी फोन नम्बर भी लिया. दोनों की मुलाकात का एक वीडियो वायरल है जिसमें ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों एक दूसरे को नम्बर का आदान-प्रदान कर रहे हैं. 


वीडियो के वायरल होने से यह चर्चा फिर से तेज हो गई है कि तेज प्रताप यादव अब खुद को भाजपा के करीब लाने की तैयारी में हैं. इसमें वे उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा से नजदीकी बढ़ाते दिख रहे हैं. न सिर्फ उन्हें मकर संक्रांति पर आयोजित भोज में आने का विनम्रता पूर्वक न्योता दे रहे हैं बल्कि अपनी नजदीकी भी सिन्हा से बढ़ाते प्रतीत हो रहे हैं. दरअसल, राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा पार्टी और परिवार से अलग किये गए तेज प्रताप यादव पहली बार सबसे बड़े सियासी जुटान को करने की तैयारी में हैं. खासकर विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तेज प्रताप यादव अब अपने लिए एक नया सियासी ठिकाना मजबूत करते दिख रहे हैं. 


वे एक ऐसा मंच सजा रहे हैं जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोनों ही एक साथ एक जगह दिख सकते हैं. इसी तरह बिहार की सियासत से जुड़े तमाम बड़े चेहरों को अपनी मेजबानी में एक मंच पर लाने की पहल तेज प्रताप यादव ने की है.  बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर चूड़ा–दही भोज देने की परंपरा बिहार की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही है. राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव हर साल मकर संक्रांति पर इस भोज का आयोजन करते रहे हैं, जिसे सामाजिक समरसता और राजनीतिक मेलजोल का प्रतीक माना जाता है. अब इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव मकर संक्रांति के अवसर पर चूड़ा–दही भोज का आयोजन करने जा रहे हैं.  


भोज होगा बेहद खास 

तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन पूरी तरह सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व पारंपरिक रूप से चूड़ा, दही, गुड़ और तिलकुट के साथ मनाया जाता है और उसी परंपरा को निभाते हुए यह भोज रखा गया है। उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से सभी लोगों को निमंत्रण कार्ड दिए जा रहे हैं और पूरे बिहार से जो भी लोग आना चाहते हैं, वे इसमें शामिल हो सकते हैं।


नए सियासी समीकरणों का संकेत

हालांकि इस आयोजन के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के बीच बढ़ती दूरी अब सार्वजनिक रूप से दिखाई देने लगी है। वहीं दूसरी ओर तेज प्रताप की भाजपा और एनडीए के अन्य घटक दलों के नेताओं से बढ़ती नजदीकियों की भी लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में मकर संक्रांति का यह चूड़ा–दही भोज केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सियासत में नए समीकरणों का संकेत भी माना जा रहा है।