'बांटो और राज करो कि अंग्रेजों की नीति पर चल रही भाजपा', केरल में खूब गरजे तेजस्वी यादव, बिहार के लिए बताया रोल मॉडल

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार लंबे समय से भाजपा शासन के बावजूद गरीबी और पिछड़ेपन से जूझ रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि बिहार भी केरल की तरह विकसित हो सकता है।

Tejashwi yadav in kerala
Tejashwi yadav in kerala- फोटो : news4nation

Tejashwi Yadav: बिहार में विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट तेजस्वी यादव ने केरल की राजनीतिक जागरूकता और विकास नीतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने पिनयारी विजयन सरकार के कामकाज को देश के लिए एक आदर्श मॉडल बताया। उन्होंने कन्नूर के कुथुपरम्बा से राजद उम्मीदवार पी.के. प्रवीण के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए कहा कि भाजपा को संविधान और लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। भाजपा तो अंग्रेजो वाली नीति अपनाकर बांटों और राज करो पर चल रही है। ऐसे में केरल ने जो विकास के मानक स्थापित किये हैं उसे बिहार भी पाना चाहता है। 


वहीं तेजस्वी यादव केरल के बेपोर विधानसभा क्षेत्र में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के उम्मीदवार मुहम्मद रियाद के समर्थन में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की अनदेखी के बावजूद केरल ने विकास के कई मानक स्थापित किए हैं। 


उन्होंने कहा, “केरल शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश में अग्रणी है, जबकि बिहार लंबे समय से भाजपा शासन के बावजूद गरीबी और पिछड़ेपन से जूझ रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि बिहार भी केरल की तरह विकसित हो सकता है।” उन्होंने कहा कि भाजपा आज सिर्फ लालू यादव से डरती है। 


तेजस्वी ने आगे कहा कि उनकी पार्टी ने एलडीएफ के साथ गठबंधन किया है और वे इसी के समर्थन में प्रचार करने आए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि एलडीएफ एक बार फिर केरल में सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा, “केरल आज एक विकसित राज्य के रूप में सामने है। यहां के स्वास्थ्य और शिक्षा मॉडल की मिसाल दी जाती है और हम चाहते हैं कि यही विकास की राह आगे भी जारी रहे।”


सेक्युलर राजनीति पर जोर

अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने सेक्युलर राजनीति की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में INDIA गठबंधन एक बड़ा मंच है, हालांकि कुछ राज्यों में सहयोगी दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा, “हमारा एजेंडा साफ है सांप्रदायिक ताकतों को केरल में प्रवेश नहीं करने देना और सेक्युलर मूल्यों की रक्षा करना।”

रंजन की रिपोर्ट