AK-47 फायरिंग पर तेजस्वी का राजभवन मार्च, राजद कार्यकर्ताओं का उमड़ा हुजूम, पुलिस ने कसी कमर

Bihar Politics: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान कथित AK-47 फायरिंग को लेकर बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।

Tejashwi Leads Raj Bhavan March Over Siwan AK 47 Firing Row
गोली खाने को तौयार हैं- भाई वीरेंद्र- फोटो : reporter

Bihar Politics: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान कथित AK-47 फायरिंग को लेकर बिहार की आज यानी सियासत बुधवार को एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस मुद्दे को लेकर आज पटना की सड़कों पर उतर रहे हैं। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल का मार्च जेपी गोलंबर से लोक भवन की ओर निकलेगा। मार्च के बाद तेजस्वी यादव राज्यपाल सैयद अता हसनैन को ज्ञापन सौंपेंगे।तेजस्वी यादव के मार्च में शामिल होने के लिए आरजेडी कार्यकर्ता सुबह से ही जेपी गोलंबर पहुंचने लगे। हाथों में तिरंगा और सरकार विरोधी पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। पोस्टरों पर युवाओं के रोजगार और छात्रों के अधिकार से जुड़े संदेश लिखे गए हैं। एक पोस्टर पर लिखा है “मेहनत का मोल दो, युवाओं को रोजगार दो।” कार्यकर्ताओं के बीच तिरंगा भी बांटा गया।

मार्च को लेकर आरजेडी के कई बड़े नेता भी सड़क पर उतर आए हैं। मनेर विधायक भाई वीरेंद्र और विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल होने पहुंचे हैं। समर्थकों में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की तस्वीरें भी नजर आईं। एक कार्यकर्ता लालू परिवार की तस्वीर के साथ पहुंचा, जिस पर लालू प्रसाद यादव को भगवान के रूप में प्रदर्शित किया गया था। वहीं, एक अन्य पोस्टर पर “चलो लगाएं नैया पार, भगवान खड़े हैं मेरे साथ” लिखा नजर आया।

मनेर विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि वे लोग गोली खाने के लिए तैयार हैष उन्होंने  कहा कि बिहार को पुलिस स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा। उनका आरोप है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सीवान और जहानाबाद में फायरिंग की गई और इसी के विरोध में युवा आज सड़क पर उतरे हैं। पार्टी का कहना है कि छात्रों पर बल प्रयोग और गोली चलाने के मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए।

इधर, तेजस्वी यादव के मार्च को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जेपी गोलंबर, डाक बंगला चौराहा और मार्च के संभावित रूट पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कई जवान लाठी और इंसास राइफल के साथ तैनात नजर आए। प्रशासन की ओर से भीड़ के दौरान हंगामा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पटना के गांधी मैदान गेट नंबर-12 के पास भी आरजेडी कार्यकर्ताओं की गतिविधियां देखी गईं। पार्टी समर्थक तिरंगा लेकर मार्च की तैयारी में जुटे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है, ताकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

तेजस्वी यादव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने सवाल उठाया था कि छात्रों पर AK-47 चलाने का अधिकार किसने दिया। तेजस्वी के मुताबिक, वे घायल छात्रों से मिलने भी गए थे। उन्होंने राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के कथित जवाब और बिहार सरकार के हलफनामे के बीच विरोधाभास का मुद्दा भी उठाया।तेजस्वी यादव का आरोप है कि राज्यसभा में कहा गया कि गोली नहीं चली, जबकि बिहार सरकार के हलफनामे में गोली चलने की बात स्पष्ट है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर AK-47 से फायरिंग हुई तो बिना आदेश के यह हथियार कैसे चला और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। इसी सवाल को लेकर आरजेडी अब सरकार को घेरने की तैयारी में है।

राजभवन मार्च के दौरान अब सबकी निगाहें इस बात पर रहेंगी कि प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है और प्रशासन इसे किस तरह नियंत्रित करता है। छात्रों पर कथित फायरिंग का मुद्दा फिलहाल बिहार की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का नया केंद्र बन गया है।

रिपोर्ट- रंजन सिंह, रंजीत कुमार