Bihar Politics : जदयू में ‘थैली विवाद’ को लेकर आपस में भिड़े दो ‘राजपूत’ नेता, संजय सिंह ने आनंद मोहन पर किया पलटवार, कहा-पुत्र मोह में बने धृतराष्ट्र

Bihar Politics : सीतामढ़ी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आनंद मोहन ने खुले मंच से जेडीयू को आड़े हाथों लिया। जिसके बाद संजय सिंह ने उन पर पलटवार किया है......पढ़िए आगे

Bihar Politics : जदयू में ‘थैली विवाद’ को लेकर आपस में भिड़े
आपस में भिड़े राजपूत नेता - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पूर्व सांसद आनंद मोहन ने खुलकर कहा है कि जदयू अब थैली पार्टी बनकर रह गई है। सीतामढ़ी जिले में एक कार्यक्रम में मौजूद आनंद मोहन ने कहा कि आज कौन लोग है जो चेतन आनंद को नबीनगर भेजते हैं, शफूर्दीन का गला काटते हैं। आनंद मोहन ने यहां तक कहा कि नीतीश कुमार को चंडाल चौकड़ी ने घेर रखा है और उन्हें  जीते जी दफ़न कर दिया गया है। आनंद मोहन के बयान पर सियासी बवाल जारी है। दिलचस्प बात यह है कि आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद जनता दल (यू) से सांसद औऱ बेटे चेतन आनंद जेडीयू से विधायक हैं। आनंद मोहन के इस बयान पर जदयू की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। जदयू एम्एलसी संजय सिंह ने आनंद मोहन पर पलटवार करते हुए कहा की वे 'पुत्र मोह' में धृतराष्ट्र बन गए हैं और उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एहसानों को नहीं भूलना चाहिए।

'थैली' (पैसे) वाले बयान पर करारा जवाब

आनंद मोहन के 'पैसे लेकर टिकट बांटने' के आरोप पर संजय सिंह ने सीधा सवाल दागा। उन्होंने पूछा कि शिवहर से बीजेपी की सिटिंग सांसद रमा देवी का टिकट काटकर आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद को टिकट दिया गया और उनके बेटे चेतन आनंद को भी टिकट मिला, तो क्या आनंद मोहन ने इसके लिए पार्टी को 'थैली' दी थी? उन्होंने स्पष्ट किया कि जेडीयू में कोई 'माई का लाल' पैसे देकर टिकट नहीं ले सकता। यहां टिकट केवल पार्टी के आंतरिक सर्वे के आधार पर मिलता है।

पुत्र मोह में धृतराष्ट्र बनने का आरोप

जेडीयू नेता ने कहा कि आनंद मोहन का असली दर्द यह है कि उनके बेटे चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाया गया। बेटे को मंत्री न बनाए जाने की बौखलाहट में वे पुत्र मोह में अंधे होकर धृतराष्ट्र की तरह व्यवहार कर रहे हैं। वहीँ नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर आनंद मोहन की टिप्पणी पर संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री को उनसे किसी 'हेल्थ सर्टिफिकेट' की जरूरत नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान जब विपक्ष के नेता घरों में बैठे थे, तब नीतीश कुमार बारिश में भी चुनाव प्रचार कर रहे थे।

नीतीश कुमार ने ही जेल से निकाला

संजय सिंह ने आनंद मोहन को उनके पुराने दिन याद दिलाते हुए कहा कि अगर पटना के मिलर हाई स्कूल में महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि नहीं मनाई जाती, तो वे आज भी जेल से बाहर नहीं आ पाते। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नीतीश कुमार की वजह से ही आनंद मोहन जेल से रिहा हो पाए हैं, इसलिए उन्हें नीतीश कुमार का उपकार नहीं भूलना चाहिए।

पार्टी की एकजुटता का दावा

पार्टी में किसी भी तरह की अंतर्कलह से इनकार करते हुए संजय सिंह ने कहा कि जेडीयू पूरी तरह एकजुट है। कोई भी नेता नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से 'दफन' नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग परिवार की बात करते हैं, वे परिवार तक ही सिमट कर रह जाते हैं, जबकि जेडीयू पूरे समाज की बात करती है। इस पलटवार ने बिहार के सियासी पारे को एक बार फिर से गरमा दिया है। संजय सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नीतीश कुमार और जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व पर किसी भी तरह की बयानबाजी को पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।