जेपी संग्रहालय पहुंचे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, लोकनायक की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण: बोले- जेपी का संघर्ष आज भी देता है समाज सेवा की प्रेरणा
'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पटना के चरखा समिति परिसर स्थित जेपी संग्रहालय पहुंचे, जहां उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी...
Patna : 'संविधान हत्या दिवस' (आपातकाल की बरसी) के अवसर पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पटना स्थित चरखा समिति परिसर में बने जेपी संग्रहालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। नड्डा ने संग्रहालय का विस्तृत भ्रमण कर जेपी आंदोलन से जुड़ी ऐतिहासिक तस्वीरों, महत्वपूर्ण दस्तावेजों और दुर्लभ पुस्तकों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि लोकनायक के विचार और उनका अद्वितीय संघर्ष आज भी उन्हें समाज सेवा की नई ऊर्जा और स्फूर्ति प्रदान करते हैं।
आपातकाल की बरसी पर इतिहास से रूबरू हुए नड्डा
आपातकाल की वर्षगांठ पर आयोजित विशेष कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने संग्रहालय में संरक्षित 1974 के छात्र आंदोलन के गौरवशाली इतिहास को बेहद करीब से देखा। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान उनके साथ पटना के कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय गुप्ता, दीघा के विधायक डॉ. संजीव चौरसिया सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने जेपी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
जेपी के निवास स्थान पर आना सौभाग्य की बात, ताजा हुईं बचपन की स्मृतियां
संग्रहालय का भ्रमण करने के बाद जेपी नड्डा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण के इस ऐतिहासिक निवास स्थान पर आने का अवसर मिलना उनके लिए बेहद सौभाग्य और गौरव की बात है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पटना की इस पावन धरती और इस परिसर से उनके बचपन तथा युवावस्था की कई अमिट स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। संग्रहालय में प्रदर्शित ऐतिहासिक तस्वीरों को देखकर लोकनायक के साथ हुई उनकी पुरानी मुलाकातों की यादें एक बार फिर पूरी तरह ताजा हो गईं।
संग्रहालय में लगी है जेपी के साथ नड्डा की पुरानी तस्वीर, खुद की थी भेंट
एक दिलचस्प वाकया साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस संग्रहालय में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के साथ उनकी खुद की भी एक बेहद पुरानी और ऐतिहासिक तस्वीर लगी हुई है। उन्होंने बताया कि यह वही दुर्लभ तस्वीर है जिसे उन्होंने स्वयं इस संग्रहालय को संरक्षण के लिए भेंट किया था। छात्र राजनीति के दिनों की उस तस्वीर को देखकर नड्डा काफी देर तक अतीत की यादों में खोए रहे और वहां उपस्थित नेताओं को उस दौर के संघर्षों के बारे में बताया।
तानाशाही के खिलाफ जेपी का आंदोलन आज भी देता है देश के युवाओं को प्रेरणा
नड्डा ने जेपी आंदोलन की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि लोकनायक ने जिस तरह देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए तानाशाह ताकतों के खिलाफ बिगुल फूंका था, उसकी मिसाल पूरी दुनिया में कहीं नहीं मिलती। उनका संपूर्ण जीवन देश और समाज के लिए समर्पित था। जेपी के विचार किसी एक कालखंड के लिए नहीं हैं, बल्कि वे आज की पीढ़ी और देश के युवाओं को भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा देशहित में काम करने की निरंतर प्रेरणा देते हैं।
नई ऊर्जा और संकल्प के साथ लौट रहा हूं
अपने संबोधन के समापन पर जेपी नड्डा ने कहा कि चरखा समिति परिसर स्थित इस जेपी संग्रहालय में आकर उन्हें एक अभूतपूर्व आत्मिक शांति, नई ऊर्जा और नई प्रेरणा मिली है। उन्होंने संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि वे यहां से लोकनायक जयप्रकाश नारायण के बताए गए सिद्धांतों और जन-सेवा के आदर्श मार्ग पर चलने के लिए और अधिक प्रतिबद्ध होकर जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता जेपी के लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखने के लिए हमेशा संकल्पित रहेगा।
वंदना की रिपोर्ट