UPSC Result Controversy: गाजीपुर की बेटी या मुखिया की पोती? आयोग ने आधिकारिक मुहर लगाकर दूर किया भ्रम
UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 की 301वीं रैंक पर चल रहे विवाद को खत्म कर दिया है। आयोग ने आधिकारिक रूप से गाजीपुर, उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह को वास्तविक सफल उम्मीदवार घोषित किया है, जिससे ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती द्वारा किए जा रहे दावे की सच
Patna - संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में एक ही रैंक पर दो उम्मीदवारों के दावे से उपजे विवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। आयोग ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर स्पष्ट किया है कि 301वीं रैंक हासिल करने वाली वास्तविक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह हैं। इस स्पष्टीकरण के साथ ही ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती द्वारा किए जा रहे दावे की सच्चाई सामने आ गई है।
गाजीपुर की आकांक्षा का रिजल्ट सही
आयोग ने भ्रम को दूर करने के लिए सफल उम्मीदवार का पूरा विवरण सार्वजनिक किया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 301वीं रैंक पर चयनित सुश्री आकांक्षा सिंह का रोल नंबर 0856794 है। वह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के ग्राम अभयपुर की रहने वाली हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मीडिया में चल रही दो आकांक्षा सिंह की खबरें गलत हैं और केवल रिकॉर्ड में दर्ज छात्रा ही सफल घोषित हुई है।
विवाद पर माता- पिता के नाम के साथ स्थिति की स्पष्ट
UPSC ने चयनित उम्मीदवार के पारिवारिक विवरण को भी स्पष्ट किया है, ताकि पहचान को लेकर कोई संदेह न रहे। सफल आकांक्षा सिंह के पिता का नाम रंजीत सिंह और माता का नाम नीलम सिंह है। 6 मार्च 2026 को घोषित हुए अंतिम परिणामों के आधार पर आयोग ने इसी पहचान वाली छात्रा को 301वें स्थान पर सफल माना है।
ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने किया था दावा
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने भी इसी रैंक पर अपनी सफलता का दावा पेश किया था। इसके बाद सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी कि आखिर असली उम्मीदवार कौन है। आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा कि रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ही वास्तविक हकदार पाई गई हैं।
इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद अब दावों और प्रति-दावों का दौर थम गया है। आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह प्रेस नोट 9 मार्च 2026 को जारी किया है, जिससे यह सिद्ध हो गया कि ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती द्वारा किया गया दावा तथ्यों से परे था। अब उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह के चयन पर आधिकारिक मुहर लग चुकी है।