विजय सिन्हा की राजस्व अधिकारियों को सख्त चेतावनी, जो नहीं सुधरेंगे उनका ऐसे होगा उपचार ... दाखिल-ख़ारिज में बना रिकॉर्ड
भूमि संबंधी मामलों में आम लोगों को बिना किसी बाधा के सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने विभाग की उपलब्धियों को बताते हुए अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया है.
Vijay Kumar Sinha : उप मुख्यमंत्री सह भूमि राजस्व विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को कहा कि परिमार्जन हो या दाखिल-ख़ारिज से जुड़े मामले, इसके निष्पादन में रिकॉर्ड तेजी है. मंत्री पद सँभालने के बाद से विजय सिन्हा की सक्रियता का व्यापक असर देखा जा रहा है. अपने विभाग के कामों को जन हितैषी बनाने के लिए उनके द्वारा लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर ऑन-स्पॉट निपटान की दिशा में कई अहम निर्देश दिए गए हैं. इसका असर भी देखने को मिला है. मीडिया के समक्ष उन्होंने अपने विभाग का कम्पेडियम जारी किया.
उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज से जुड़े मामले में इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 75.30 प्रतिशत था जो वर्तमान में बढ़ कर 82 प्रतिशत हो गया है | लंबित मामलों के संख्या में भी 30 हजार से अधिक की कमी आई है । इसी तरह परिमार्जन में इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 65.16 प्रतिशत था जो वर्तमान में बढ़ कर 74.41 प्रतिशत हो गया है । अब लंबित मामलों के संख्या में भी 90 हजार से अधिक की कमी आई है | वहीं जमीन मापी में कुल प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 81.77 प्रतिशत था जो वर्तमान में बढ़ कर 82.22 प्रतिशत हो गया है। लंबित मामलों के संख्या में भी 1150 से अधिक की कमी आई है |
उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालय (दाखिल-खारिज अपील, BLDRA, दाखिल-खारिज पुनरीक्षण, जमाबंदी रद्दीकरण के मामलें ) में कुल प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 51.73 प्रतिशत था जो वर्तमान में बढ़ कर 54 प्रतिशत हो गया है। लंबित मामलों के संख्या में भी 4655 से अधिक की कमी आई है। विजय सिन्हा ने अंचल स्तर पर आम लोगों को होने वाली परेशानी पर विशेष ध्यान देने की बात करते हुए कहा कि कोई भी अधिकारी इस भ्रम में नहीं रहे कि एक बार हमारा (विजय सिन्हा) जिला में दौरा हो गया तो काम खत्म हो गया बल्कि अंचल तक मॉनिटरिंग की जा रही है.
अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो नहीं सुधरेंगे उन्हें सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि वे देशी उपचार में भी विश्वास करते हैं और जरूरत पड़ने पर एलोपैथ की भी व्यवस्था करते हैं.