नीट छात्रा मौत कांड: सुलझ गई रहस्यमयी मौत की गुत्थी? SIT ने DGP को सौंपी वो 'सीक्रेट' रिपोर्ट! निर्णायक मोड़ पर पहुंचा केस

नीट छात्रा की मौत मामले में SIT ने DGP को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और 15 लोगों से पूछताछ के बाद तैयार इस रिपोर्ट से जल्द ही इस रहस्यमयी मौत का खुलासा होने की उम्मीद है।

नीट छात्रा मौत कांड: सुलझ गई रहस्यमयी मौत की गुत्थी? SIT ने

Patna - नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत का मामला अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब तक की अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक (DGP) को सौंप दी है। जानकारी के मुताबिक, SIT ने रिपोर्ट के साथ पटना, जहानाबाद, हॉस्टल और अस्पताल से जब्त किए गए सभी अहम तकनीकी साक्ष्य और साक्ष्य दस्तावेज़ भी मुख्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं।

CCTV फुटेज से तैयार हुई मौत की टाइमलाइन

जांच को पुख्ता बनाने के लिए SIT ने जहानाबाद में छात्रा के घर से लेकर रेलवे स्टेशन तक के मार्ग पर लगे 40 से अधिक CCTV कैमरों को खंगाला है। इन कैमरों में छात्रा की अलग-अलग समय की गतिविधियां कैद हुई हैं, जिन्हें टीम ने क्रमवार तरीके से पेन ड्राइव में सुरक्षित कर लिया है। माना जा रहा है कि इन्हीं फुटेज के जरिए पुलिस ने छात्रा की अंतिम यात्रा की पूरी टाइमलाइन तैयार कर ली है, जो इस गुत्थी को सुलझाने में सबसे अहम कड़ी साबित होगी।

करीबियों और संदिग्धों से सघन पूछताछ

इस मामले की जांच के दौरान SIT ने अब तक 15 से ज्यादा लोगों से कड़ी पूछताछ की है। बीते गुरुवार को भी छात्रा के तीन बेहद करीबियों को बुलाकर घंटों सवाल-जवाब किए गए। हालांकि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इन लोगों से मिले बयानों और इनपुट के आधार पर कई चौंकाने वाले सबूत हाथ लगे हैं, जिन्हें अब आधिकारिक रिपोर्ट का हिस्सा बना लिया गया है।

FSL और AIIMS की रिपोर्ट पर टिकी नजरें

जांच भले ही अंतिम चरण में हो, लेकिन पुलिस को अभी भी FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और एम्स (AIIMS) की मेडिकल रिव्यू रिपोर्ट का इंतजार है। SIT के अधिकारियों का मानना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के बिना किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट के मिलते ही मौत की असली वजह—चाहे वह आत्महत्या हो या कोई बड़ी साजिश—पूरी तरह साफ हो जाएगी और रहस्य से पर्दा उठ जाएगा।

इसी महीने हो सकता है मामले का आधिकारिक खुलासा

आज 22 जनवरी है और जांच की रफ्तार को देखते हुए प्रबल संभावना है कि इस महीने के अंत तक पुलिस मुख्यालय इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर देगा। SIT की रिपोर्ट में तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और चश्मदीदों के बयानों का विस्तृत विवरण शामिल है। मुख्यालय अब इन सभी रिपोर्टों का मिलान कर रहा है ताकि किसी भी कानूनी खामी की गुंजाइश न रहे और सच सबके सामने आ सके।

बिहार की सियासत में भी उबाल

छात्रा की मौत को लेकर बिहार की राजनीति में भी जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है। विपक्षी दल लगातार कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में SIT की यह रिपोर्ट न केवल पुलिस की साख के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उन अनगिनत सवालों के जवाब के लिए भी जरूरी है जो इस छात्रा के परिवार और आम जनता के मन में हैं। अब सबकी निगाहें DGP कार्यालय से होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।