1994 में लालू से क्यों अलग हुए थे नीतीश, बिहार विधान सभा में सम्राट चौधरी ने खोला 32 साल पुराना राज
राजद पर हमला जारी रखते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में सुशासन नहीं था .
Bihar Vidhan Sabha : उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बिहार विधान सभा में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए राजद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजद रोजाना अपना पहला ट्वीट अपराध को लेकर करती है, लेकिन इससे बड़ी शर्म की बात यह है कि गृह विभाग के बजट पर राजद की ओर से कोई कटौती प्रस्ताव तक नहीं दिया गया। सम्राट चौधरी ने कहा कि आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से लाखों लोगों को त्वरित सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा से जुड़े साढ़े चार लाख मामले सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए—दायित्व भले बदला हो, लेकिन आज भी अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ही होता है।
गृह मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि हत्या और डकैती के मामलों में करीब सात हजार, लूट के ढाई हजार और पुलिस पर हमले के मामलों में 2700 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में कोई भी अपराधी बचकर नहीं निकल सकता। वर्ष 2025 में अब तक 3.86 लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
लालू से क्यों अलग हुए नीतीश
राजद पर हमला जारी रखते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में सुशासन नहीं था और इसी कारण 1994 में नीतीश कुमार उनसे अलग हुए, क्योंकि सत्ता के जरिए सुशासन स्थापित नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि पुलिस को पूरी छूट दी गई है ताकि सुशासन लागू किया जा सके।
पप्पू यादव पर हमला
पप्पू यादव पर तंज कसते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि “हाथी भी बीमार होकर अस्पताल जाना चाहता है।” उन्होंने याद दिलाया कि पप्पू यादव ने कभी कहा था कि बिहार पुलिस “चींटी भी नहीं मार सकती”, जबकि आज वही व्यक्ति अस्पताल जाने की बात कर रहा है।
राबड़ी को खुली चुनौती
राबड़ी देवी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई यह कहता है कि किसी नेता का बेटा अपराध में शामिल है, तो नाम बताइए—24 घंटे के भीतर उसे जेल भेजा जाएगा। सम्राट चौधरी ने आगे बताया कि सात निश्चय पार्ट-3 के तहत उद्योग स्थापित करने की व्यवस्था करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। साथ ही अब प्रमंडल से लेकर जिला स्तर तक एसटीएफ (STF) की तैनाती की जाएगी, ताकि अपराध पर और प्रभावी नियंत्रण हो सके।