Polytechnic student committed suicide: ऑनलाइन गेमिंग की लत ने ले ली पॉलिटेक्निक छात्र की जान! पैसे हारने के दबाव में लगा ली फांसी
पूर्णिया में एक पॉलिटेक्निक छात्र ने आत्महत्या कर ली। ऑनलाइन गेम की लत और परीक्षा में असफलता से मानसिक तनाव उसकी मौत का कारण बना।

Polytechnic student committed suicide: बिहार के पूर्णिया जिले में एक 22 वर्षीय पॉलिटेक्निक छात्र पारस कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।यह घटना सहायक खजांची थाना क्षेत्र के केपी मार्केट गली में हुई, जहां छात्र किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करता था। पारस मूल रूप से सहरसा जिले के दिलीप शाह का पुत्र था और दो भाइयों में सबसे छोटा था।
घटना का पता तब चला जब शुक्रवार दोपहर तक छात्र ने अपना कमरा नहीं खोला। मकान मालिक और दोस्तों की चिंता बढ़ी और जब दरवाजा तोड़ा गया, तब पारस को फंदे से झूलता पाया गया।परिजनों के अनुसार, पारस को ऑनलाइन गेम्स की गंभीर लत लग चुकी थी। पारस ने कई बार ऑनलाइन गेम्स में हारने के बाद मानसिक तनाव झेला था। वह अपने परिवार से गेमिंग के लिए पैसे मांगता था, जो कि हाल ही में हुई बातचीत से भी स्पष्ट है।
पढ़ाई के दबाव ने मानसिक स्थिति को और बिगाड़ा
पिछले साल पारस पॉलिटेक्निक थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा में चार विषयों में फेल हो गया था, जिस पर उसे डांट पड़ी थी।यह बात भी सामने आई कि वह अपने अकादमिक प्रदर्शन से हताश और निराश था। जब ऑनलाइन गेम में पैसा हारने की बात सामने आई और परीक्षा में फेल होने का दबाव बढ़ा, तब शायद पारस के लिए यह मानसिक बोझ असहनीय हो गया।
आखिरी बार पिता से हुई थी बात
घटना से कुछ समय पहले पारस ने अपने पिता दिलीप साह से रसोई गैस खत्म होने की बात कहकर 1000 रुपए की मांग की थी।इसके बाद उसने यह भी बताया कि उसके क्रेडिट अकाउंट में 5000 रुपये का लेन-देन हुआ है और किसी "रॉकी कुमार" नामक युवक के खाते में 4500 रुपये भेजने को कहा।यह संदिग्ध लेन-देन और पारस का ऑनलाइन गेमिंग में डूबा रहना कई सवाल खड़े करता है, जिनकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
मौके पर पहुंची पुलिस और FSL टीम
पुलिस को जब सूचना मिली, तो मौके पर पहुंच कर भीतर से बंद कमरे को तोड़ा गया।अंदर जाकर देखा गया कि पारस का शव फंदे से लटका हुआ है।घटना की सूचना पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल की गहन जांच की।
परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार के अनुसार, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया, जिसके बाद आवेदन लेकर शव को सौंप दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन लत
पारस की यह आत्महत्या सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि कैसे ऑनलाइन गेम बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है।गेमिंग की लत से छात्र मानसिक रूप से अकेले हो जाते हैं।बार-बार हारने पर वे अवसाद (depression) में चले जाते हैं।आर्थिक नुकसान होने पर आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं।