मदद के लिए बनी '112' के सारथी निकले ठग, पुलिस विभाग के ड्राइवरों ने मिलकर युवक को लगाया 1.7 लाख का चूना, , 4 गिरफ्तार
पूर्णिया में प्राइवेट बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी में बिहार पुलिस के डायल 112 के दो ड्राइवरों की भूमिका उजागर हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी के मुख्य आरोपी सहित चारों को जेल
Purnia - पूर्णिया में प्राइवेट बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी में बिहार पुलिस के डायल 112 के दो ड्राइवरों की भूमिका उजागर हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी के मुख्य आरोपी सहित चारों को जेल भेज दिया है।
2 लाख की डील और 1.7 लाख की ठगी
पूर्णिया जिले में नौकरी की तलाश कर रहे अररिया निवासी रोहन कुमार साह (25 वर्ष) ठगी का शिकार हुए। आरोपी अजय कुमार यादव ने रोहन को एक प्राइवेट बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख रुपये की मांग की थी। झांसे में आकर रोहन ने 4 जनवरी 2026 को अजय को 1,70,000 रुपये थमा दिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली, तो पीड़ित ने एसपी से गुहार लगाई।
एसपी के निर्देश पर के. नगर पुलिस का एक्शन
जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वीटी सहरावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए के. नगर थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। जांच के दौरान पता चला कि इस ठगी के तार बिहार पुलिस के विभाग से भी जुड़े हैं। डायल 112 के दो ड्राइवरों ने इस साजिश में मुख्य आरोपी अजय यादव की सक्रिय मदद की थी। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल (पुलिसकर्मी भी शामिल)
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आम नागरिक और पुलिस विभाग के संविदा कर्मी दोनों शामिल हैं: गिरफ्तार लोगों की पहचान अजय कुमार यादव: मुख्य आरोपी, निवासी जानकीनगर, पूर्णिया, नवीन कुमार: निवासी चकमका, जानकीनगर, नितेश कुमार: डायल 112 का ड्राइवर (के. नगर थाना क्षेत्र), निवासी अररिया, रविंद्र कुमार: डायल 112 का ड्राइवर (चम्पानगर थाना), निवासी जानकीनगर के रूप में की गई है।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
पुलिस ने सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। विभाग में तैनात ड्राइवरों की संलिप्तता सामने आने के बाद अब अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक और कितने युवाओं को अपना शिकार बनाया है।