एक तरफ कंधे पर दोस्त, दूसरी तरफ शादी के 24 घंटे बाद मौत, सावन में भावुक कर गई दोस्ती, पूर्णिया के नवविवाहित की कहानी पढ़ कर रो देंगे आप
Bihar News: सावन में जब सुल्तानगंज से देवघर तक हर तरफ ‘बोल बम’ के जयकारे गूंज रहे हैं, उसी कांवरिया पथ पर दोस्ती की ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने राहगीरों की आंखें नम कर दीं।...
Bihar News: सावन में जब सुल्तानगंज से देवघर तक हर तरफ ‘बोल बम’ के जयकारे गूंज रहे हैं, उसी कांवरिया पथ पर दोस्ती की ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने राहगीरों की आंखें नम कर दीं। दूसरी ओर पूर्णिया से एक ऐसी खबर आई, जिसने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। एक ओर दोस्त अपने दिव्यांग साथी को कंधे पर बैठाकर 105 किलोमीटर की यात्रा पर निकल पड़ा, तो दूसरी ओर प्रेम विवाह के महज 24 घंटे बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

सुल्तानगंज से देवघर के बीच कांवरिया पथ पर काशी के रहने वाले दीपक कनौजिया और उनके बचपन के दोस्त प्रमोद पांडे की कहानी लोगों को भावुक कर रही है। प्रमोद दिव्यांग हैं और अपने पैरों पर चल नहीं सकते। लेकिन बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जल चढ़ाने की उनकी आस को दोस्त दीपक ने कमजोरी नहीं बनने दिया।दीपक अपने दोस्त को कंधे पर बैठाकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। यह सिलसिला एक-दो साल का नहीं, बल्कि पिछले आठ वर्षों से जारी है। इस बार भी दोनों करीब आठ दिनों में यह सफर पूरा करने का संकल्प लेकर निकले हैं।
कंधे पर दोस्त का वजन है, जुबां पर भोलेनाथ का नाम और दिल में आस्था। दीपक कहते हैं कि यह सिर्फ कांवर यात्रा नहीं, बल्कि दोस्ती का फर्ज है। वहीं प्रमोद के लिए दीपक उनके दोस्त ही नहीं, बल्कि उनके पैरों की ताकत हैं।
इधर पूर्णिया से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। प्रेम विवाह के महज 24 घंटे बाद नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
बताया गया कि अररिया के पलासी थाना क्षेत्र के रहने वाले युवक और युवती के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध था। दोनों ने सावन के दूसरे सोमवार को घर से निकलकर पूर्णिया सिटी काली मंदिर में शादी की थी। शादी की खुशियां अभी थमी भी नहीं थीं कि अगले ही दिन युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई।पति के मुताबिक, मंदिर में पूजा के दौरान युवती ने सिर में तेज दर्द की शिकायत की और अचानक सीढ़ियों पर गिर पड़ी। आनन-फानन में उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पूर्णिया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
युवती की मौत की असली वजह अभी साफ नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि, खबर लिखे जाने तक युवती के एक परिजन ने पोस्टमार्टम नहीं कराने को लेकर जीएमसीएच टीओपी पुलिस को आवेदन दिया है।एक तरफ दीपक और प्रमोद की दोस्ती यह संदेश दे रही है कि सच्चा दोस्त जरूरत पड़ने पर आपके पैरों की ताकत बन जाता है, तो दूसरी तरफ पूर्णिया की घटना ने प्रेम विवाह के बाद अचानक आई मौत से कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों घटनाओं की अपनी अलग कहानी है, लेकिन सावन के इस माहौल में एक ने दोस्ती की ताकत दिखाई, तो दूसरी ने जिंदगी की अनिश्चितता का एहसास करा दिया।
रिपोर्ट- अंकित कुमार