दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज, आयुष्मान कार्ड अनिवार्य नहीं

सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों को निर्धारित शर्तों के तहत सात दिनों के लिए अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए मरीज के पास आयुष्मान कार्ड का होना अनिवार्य नहीं है...

दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
दुर्घटना पीड़ितों को 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज- फोटो : छोटू सरकार

Saharsha : जिला समाहरणालय सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक और 'प्रधानमंत्री राहत' (PM RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार बरनवाल ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों को निर्धारित शर्तों के तहत सात दिनों के लिए अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए मरीज के पास आयुष्मान कार्ड का होना अनिवार्य नहीं है।


सहरसा के 7 सूचीबद्ध निजी और सरकारी अस्पतालों में मिलेगी सुविधा

डीटीओ ने बताया कि योजना का लाभ आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध सरकारी और चिन्हित निजी अस्पतालों में मिलेगा। इसके लिए अस्पतालों को टीएमएस (TMS) पोर्टल पर घायल की प्रविष्टि करनी होगी और कागजातों के नाम पर इलाज में देरी करने पर सख्त मनाही की गई है। सहरसा जिले में लॉर्ड बुद्धा कोशी मेडिकल कॉलेज, श्री नारायण मेडिकल इंस्टीट्यूट, गंगा हॉस्पिटल, S.R.B. हॉस्पिटल, सूर्या हॉस्पिटल, नयन ज्योति नेत्र केंद्र और प्रांजल श्री हॉस्पिटल को इस योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है। सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को अपने परिसर में योजना से जुड़ा सूचना-पट्ट (फ्लेक्स) लगाने का निर्देश दिया गया है।


क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 2 सप्ताह का अल्टीमेटम

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने एनएच-107 के बैजनाथपुर अंडरपास के पास क्षतिग्रस्त सर्विस रोड को जल्द ठीक करने का आदेश दिया। साथ ही, बरसात के कारण जिले की क्षतिग्रस्त हुई अन्य सभी सड़कों की दो सप्ताह के भीतर मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को कड़ा निर्देश जारी किया गया। इसके अलावा, सहरसा शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम को ई-रिक्शा और ऑटो स्टैंड के निर्माण में तेजी लाने को कहा गया।


काली फिल्म, बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग पर चलेगा विशेष चेकिंग अभियान

यातायात नियमों के पालन के लिए जिलाधिकारी ने डीएसपी (ट्रैफिक) और जिला परिवहन पदाधिकारी को जिले भर में विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। इस दौरान गाड़ियों पर लगी प्रतिबंधित काली फिल्म, बिना हेलमेट-सीट बेल्ट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और अधूरे कागजात वाले वाहनों पर सख्त चालान काटा जाएगा। वहीं, स्कूली बच्चों में जागरूकता फैलाने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं कराने को कहा गया है।


बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अमला रहा मौजूद

बैठक में सहरसा के अपर समाहर्ता निशांत, सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद, डीटीओ सुजीत कुमार बरनवाल, ट्रैफिक डीएसपी, सहरसा व सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ, आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम समन्वयक हेनरी टर्नर, चिकित्सा पदाधिकारी और जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें और दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं।


छोटू सरकार की रिपोर्ट